दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के हिसार और यमुनानगर के दौरे पर थे. जहां उन्होंने हिसार एयरपोर्ट का उद्घाटन और यमुनानगर के थर्मल पावर की तीसरी इकाई का शिलान्यास किया है. इस बीच हिसार के महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से पहली उड़ान अयोध्या के लिए रवाना हुई, जिसको पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई. वहीं, इस दौरान एक ऐसा वाकया भी देखने को मिला जिसे देख हर कोई भावुक हो गया. पीएम मोदी ने यमुनानगर में कैथल जिले के निवासी रामपाल कश्यप को नए जूते पहनाएं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
आज प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने यमुनानगर में कैथल के रामपाल कश्यप जी से मुलाकात की। रामपाल जी ने 14 वर्ष पहले एक व्रत लिया था कि ‘मोदी जी जब तक प्रधानमंत्री नहीं बन जाते और मैं उनसे मिल नहीं लेता, तब तक जूते नहीं पहनूंगा।’
आज प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जूते पहनाए।… pic.twitter.com/B6zidFDmOk
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) April 14, 2025
रामपाल कश्यप हरियाणा के कैथल जिले के निवासी हैं, जिन्होंने 14 साल पहले कसम खाई थी कि जब तक मोदी पीएम नहीं बनेंगे, और वो खुद नरेंद्र मोदी से नहीं मिल लेते तब तक वो जूते या चप्पल नहीं पहनेंगे. इस पर आज पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात की और अपने हाथों से जूते पहनाएं. दिलचस्प बात यह है कि ठंड, गर्मी और बारिश के मौसम में भी वो नंगे पांव ही चल रहे थे. इसके बाद भी वह अपने संकल्प पर अड़े रहे. आखिरकार 14 साल बाद उनका संकल्प पूरा हुआ. पीएम मोदी ने उनसे मिलकर पूछा कि अरे भाई आपने ऐसा क्यों किया. हालांकि, जूते पहनाते हुए पीएम मोदी ने उनसे कहा कि अब भविष्य में कभी भी इस तरह का प्रण मत करना. बता दें कि पीएम मोदी से मिलने से पहले तक 14 साल से रामपाल कश्यप नंगे पांव रहे. पीएम ने उनके संकल्प की सराहना की.
प्रधानमंत्री ने रामपाल कश्यप को जूते पहनाते हुए का वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा – “हरियाणा के यमुनानगर में आज कैथल के रामपाल कश्यप जी से मिलने का सौभाग्य मिला. इन्होंने 14 वर्ष पहले एक व्रत लिया था कि ‘मोदी जब तक प्रधानमंत्री नहीं बन जाते और मैं उनसे मिल नहीं लेता, तब तक जूते नहीं पहनूंगा.’ मुझे आज उनको जूते पहनाने का अवसर मिला. मैं ऐसे सभी साथियों की भावनाओं का सम्मान करता हूं, परंतु मेरा आग्रह है कि वो इस तरह के प्रण लेने के बजाए किसी सामाजिक अथवा देशहित के कार्य का प्रण लें.”

