दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज ने सोमवार 12 जनवरी को साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026’ में हिस्सा लिया. इस दौरान दोनों नेता भगवान हनुमान की तस्वीर वाली एक विशेष पतंग उड़ाते हुए नजर आए. इससे पहले, दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से इस महोत्सव का उद्घाटन किया. चांसलर मेर्ज़ की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है.
यह अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा. 14 जनवरी को इसका समापन होगा. इस आयोजन में 50 देशों के 135 अंतर्राष्ट्रीय पतंग प्रेमी हिस्सा ले रहे हैं. उनके साथ ही भारत भर के 65 पतंगबाज और गुजरात के 871 स्थानीय प्रतिभागी भी इस उत्सव में शामिल होंगे.
Der Himmel über Ahmedabad ist während des Internationalen Drachenfestivals voller Farben und Lebendigkeit.
Ich freue mich, dass ich Bundeskanzler Friedrich Merz diesen ganz besonderen Anlass zeigen konnte. Es hat mich auch sehr gefreut, dass er sich im Drachensteigen versucht… pic.twitter.com/HbKjH4oCQH
— Narendra Modi (@narendramodi) January 12, 2026
महोत्सव के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में जर्मन चांसलर मेर्ज़ का स्वागत किया. आश्रम पहुंचने के बाद, दोनों नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. इस दौरान चांसलर मेर्ज़ ने वहां रखी ‘विजिटर बुक’ में अपने संदेश पर हस्ताक्षर भी किए.
यह यात्रा चांसलर मेर्ज़ के भारत के आधिकारिक दौरे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है. यह दौरा भारत-जर्मनी के बीच 75 साल के राजनयिक संबंधों और 25 साल की रणनीतिक साझेदारी के जश्न के अवसर पर हो रहा है. इससे पहले आज, जर्मन चांसलर पद संभालने के बाद अपनी पहली दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे.
13 जनवरी को चांसलर मेर्ज़ बॉश (Bosch) कंपनी का दौरा करेंगे, जिसके बाद वह नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग (CeNSE) संस्थान जाएंगे और फिर जर्मनी के लिए रवाना हो जाएंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मेर्ज़ ने कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी. उसी बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर को भारत की आधिकारिक यात्रा के लिए आमंत्रित किया था.

