दिल्‍ली-एनसीआर

अजीत डोभाल तीसरी बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने, 2014 से संभाल रहे हैं जिम्मेदारी

दिल्ली: केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बनाया है. वह तीसरी बार यह जिम्मेदारी संभालेंगे. वहीं, पीके मिश्रा भी पीएम के प्रधान सचिव बने रहेंगे.

1968 बैच के आईपीएस अधिकारी डोभाल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की सत्ता संभालने के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. वह पीएम मोदी के सबसे विश्वासपात्र अधिकारी माने जाते हैं. डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला हुआ है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में अजीत डोभाल का दूसरा कार्यकाल 3 जून को पूरा हो गया था. इसके बाद चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या देश को इस बाद नया एनएसए मिलेगा, लेकिन कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने एक बार फिर डोभाल के नाम पर मुहर लगाई. सूत्रों का कहना था कि डोभाल इस बार एनएसए बनने को लेकर इच्छुक नहीं थे. उन्होंने इस संबंध में पीएम मोदी को भी अवगत करा दिया था.

कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा. उनकी नियुक्ति की शर्तें और नियम अलग से अधिसूचित किए जाएंगे. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक संवैधानिक पद है. पीएम का सबसे विश्वसनीय अधिकारी एनएसए ही होता है. रणनीतिक मामलों के साथ ही आंतरिक सुरक्षा के मामलों में भी वो प्रधानमंत्री की मदद करता है. कब क्या फैसला लेना सही होगा, इसकी वो सलाह देता है.

भारत ही दुनिया भर में अजीत डोभाल अपनी छवि और काम करने की स्टाइल के लिए जाने जाते हैं. अमेरिका भी उनका मुरीद है. इसकी बागनी उस वक्त देखने को मिली थी जब अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा था कि भारत के एनएसए राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय खजाना हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *