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SC/ST बस्तियों को बड़ी सौगात, CM रेखा गुप्ता ने 85 करोड़ की 146 परियोजनाओं को दी मंजूरी

दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार,12 फरवरी को तिमारपुर के मलकागंज चौक पर एक कार्यक्रम में एससी/एसटी बस्तियों के सुधार योजना के तहत कई विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर चलते हुए आज सरकार ने एससी/एसटी बस्तियों के लिए करीब 85 करोड़ रुपये की 146 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सिर्फ बड़ी-बड़ी इमारतों से नहीं बनती, बल्कि उन बस्तियों से बनती है जहां मेहनत करने वाले परिवार रहते हैं.

कार्यक्रम में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, तिमारपुर से विधायक सूर्य प्रकाश खत्री और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल सहित कई गणमान्य उपस्थित थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष लंबित कार्यों के लिए औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर काम शुरू किया जाए.

मुख्यमंत्री ने बताया कि 4.12 करोड़ रुपये की लागत वाली 9 परियोजनाएं पूरी होकर तैयार हो चुकी हैं, जिनका आज लोकार्पण किया गया. इसके अलावा, 38.63 करोड़ रुपये की लागत वाली 64 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनका कार्य जल्द शुरू होगा. इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से चौपालों का नवीनीकरण, सड़कों का निर्माण, पार्कों का विकास, सीवर लाइनों का निर्माण और पेयजल आपूर्ति जैसी स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े कार्य शामिल हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के 357 दिनों के कार्यकाल में वर्षों से ‘अटके, लटके और भटके’ पड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया है. अब विकास भ्रष्टाचार-मुक्त है और जो धन पहले ‘शीश महलों’ और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, वह अब सीधा जनता के हित में खर्च हो रहा है. वर्तमान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा रही है.

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है. पहले जहां सीमित बजट और अधूरी योजनाओं के कारण लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाता था और आवंटित राशि भी पूर्ण रूप से खर्च नहीं हो पाती थी, वहीं इस वर्ष बजट में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे लगभग 65 करोड़ से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये किया गया है. बस्तियों में कम्युनिटी सेंटर, चौपाल, लाइब्रेरी, प्रशिक्षण केंद्र सहित 32 प्रकार के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि दलित, वंचित और पिछड़े वर्ग के प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन और अवसर प्राप्त हो सकें.

यह योजना उन बस्तियों में सूक्ष्म स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संचालित की जा रही है, जहां एससी/एसटी की आबादी 33 प्रतिशत या उससे अधिक है. इसके अंतर्गत सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक केंद्र का विकास, पार्कों का निर्माण, सीवर लाइन बिछाने तथा पुस्तकालय और डिस्पेंसरी जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण एवं सुधार किया जाता है.

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