दिल्ली: शासन और प्रशासन में आज से एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है. अनुभवी पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की. दिल्ली के सिविल लाइन्स स्थित लोक निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, दिल्ली के सांसद और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे. संधू ने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है, जिन्हें अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है.
दिल्ली के नवनियुक्त माननीय उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू जी को पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई।
आज उनके शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुई।
दिल्ली हम सबकी साझा विरासत है। इसकी प्रगति और समावेशी समृद्धि के लिए हम सभी मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे पूर्ण विश्वास… pic.twitter.com/FxpSA6Uofn
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) March 11, 2026
समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपराज्यपाल को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके दीर्घकालिक अनुभव से दिल्ली के विकास को नई गति मिलेगी. गौरतलब है कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में उपराज्यपाल कार्यालय और दिल्ली सरकार के बीच अधिकारों की जंग अक्सर सुर्खियों में रही है. ऐसे में एक ‘करियर डिप्लोमैट’ रहे संधू से उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी कार्यशैली से विवादों को कम कर विकास को प्राथमिकता देंगे.
राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण, यमुना की सफाई और अनधिकृत कॉलोनियों के बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे मुद्दे नए उपराज्यपाल की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर हो सकते हैं।. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय द्वारा शपथ दिलाए जाने के साथ ही संधू ने विधिवत रूप से कार्यभार संभाल लिया है. अब दिल्ली की जनता और राजनीतिक विशेषज्ञ अब यह देखने को उत्सुक हैं कि एक कुशल रणनीतिकार के रूप में पहचाने जाने वाले संधू दिल्ली के “सुपर बॉस” के रूप में अपनी पारी का आगाज किस प्रकार करते हैं.

