दिल्ली: खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए शनिवार की रात खास रहने वाली है. इस दौरान खगोलीय घटना होगी. इसका नजारा रोमांचित कर देगा. गणतंत्र दिवस से पूर्व शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, वरुण और अरुण ग्रह एक ही लाइन में नजर आएंगे. इस घटना को ‘प्लेनेटरी परेड’ भी कहा जाता है.
वीर बहादुर सिंह नक्षत्र शाला गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि, इस माह जनवरी 2025 के दौरान ग्रहीय संरेखण घटित हो रहा है. एक साथ छह ग्रहों को देखा जा सकता है. खगोल विज्ञान की भाषा में ग्रहीय संरेखण (Planetary alignment) कहा जाता है. सामान्य भाषा में इसे ग्रहीय परेड भी कहते हैं.
खगोलविद ने बताया कि जब रात्रि के दौरान आकाश में कुछ ग्रह एक साथ नजर आते हैं तो उसे ग्रहीय संरेखण कहा जाता है. तीन से चार ग्रह दिखाई देते हैं तो उसे लघु संरेखण कहा जाता है. जब चार से छह ग्रह एक साथ दिखाई देते हैं तो इसे बृहद संरेखण कहा जाता है. यदि इससे ज्यादा या सौर मंडल के सभी ग्रह एक साथ दिखाई देते हैं तो इसे बृहत्तर संरेखण कहा जाता है. यह 396 अरब वर्षों में सिर्फ एक बार ही घटित होती है. यह एक बहुत ही दुर्लभ खगोलीय और बड़ा संरेखण होता है.
खगोलविद ने बताया कि इस खगोलीय घटना को वैसे तो प्लेनेटरी एलाइनमेंट या ग्रहीय संरेखण कहा जाता है. जब सौर मंडल के कई ग्रह एक साथ दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तविक तौर से ग्रह किसी सीधी रेखा में न होकर एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में सूर्य का परिभ्रमण करते हुए एक तरफ होते हुए एलिप्टिकल प्लेन के निकट होते हैं, जोकि आकाश में यह एक रेखा में दिखाई देते हैं. इसे ग्रहीय संरेखण और प्लैनेट परेड कहा जाता है.

