Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the wordpress-seo domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/lb3wquvtw5sd/public_html/tvnewstoday.com/wp-includes/functions.php on line 6114
साल की आखिरी सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ठंड पर भारी पड़ी आस्था - TV News Today
उत्तराखंड

साल की आखिरी सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ठंड पर भारी पड़ी आस्था

उत्तराखंड: आज सोमवती अमावस्या का स्नान पर्व है. वैसे तो सभी अमावस्या का महत्व होता है, मगर सोमवती अमावस्या सनातन धर्म में पुण्यदायी और जीवनदायी मानी जाती है. धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है. भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगा कर पुण्य और मोक्ष की कामना कर रहे हैं.

गंगा स्नान करने के लिए यहां पर दूर दूर से श्रद्धालु आये हैं. मान्यता है कि इस अवसर पर गंगा में स्नान करने से सभी कष्ट दूर होते हैं. मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. सैकड़ों अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है. इस अवसर पर पितरों के निमित पूजा करने से जीवन मे सुख और शांति आती है. पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं. मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांट कर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

पंडित मनोज त्रिपाठी का कहना है कि वैसे तो सभी अमावस्या पर गंगा स्नान का महत्व है, मगर सोमयुता अर्थात सोमवती अथवा भोमयुता अथार्त भौमवती अमावस्या विशेष पुण्यदायी होती है. इसके पुण्य का इसी बात से पता लगा सकते हैं कि इस सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में स्वयं भीष्म पितामह ने अपनी शरशैया पर पड़े रहते हुए इंतजार किया था. सोमवती अमावस्या के आने का सोमयुता अर्थात अक्षुण्य कर देने वाली अमावस्या आज के दिन है. मात्र जल स्नान करना व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान फल दे देता है.

पंडित जी के अनुसार आज के दिन अपने पितरों के प्रति तर्पण, श्राद्ध आदि करना, पीपल के वृक्ष की पूजा करना, उसमें अपने पितरों की कामना करते हुए किसी भी प्रकार से 108 परिक्रमा कर ले और सूत लपेटे तो यह निश्चित समझिए कि व्यक्ति का कितना भी कठिनाईपूर्ण जीवन हो, वह सुधर जाता है. व्यक्ति की मनोकामना, इच्छितकामना पूर्ण हो जाती है. गंगा आदि पवित्र नदियों में हरिद्वार आदि तीर्थों में आज के दिन स्नान का अत्यधिक महत्व है. आज हर की पैड़ी पर स्थित ब्रह्मकुंड पर स्नान करके व्यक्ति अपने जीवन को कल्पकल्पान्तर तक के पाप नष्ट करके व्यक्ति मोक्ष को प्राप्त कर लेता है. आज जो दान करेंगे, जो पुण्य करेंगे वो अक्षय है. सोमवती अमावस्या व्यक्ति की पुण्यदायी और जीवनदायी है.

मेला क्षेत्र को 14 जोन और 39 सेक्टर में बांटकर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े और वह सुरक्षित स्नान करके जा सकें. साथ ही ट्रैफिक को लेकर ट्रैफिक प्लान बनाकर लागू किया गया है ताकि हाईवे पर किसी तरह की जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *