दिल्लीः आप विधायक दल की बैठक में संभावित नामों को रखा जाएगा. इस पर सभी विधायक अपनी राय देंगे. इसमें जिसके नाम पर सहमति बनेगी, उसे विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इसके बाद अरविंद केजरीवाल एलजी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे.
साथ ही, नए नाम का प्रस्ताव भी देंगे. नेता के साथ नई सरकार के गठन का दावा भी पेश करेंगे. इसके बाद दिल्ली में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी. बता दें कि सोमवार केजरीवाल ने राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के साथ बैठक की. इसमें हर सदस्य से एक-एक करके दिल्ली की मौजूदा सियासी स्थिति में नए मुख्यमंत्री के बारे में उनकी राय जानी.
सोमवार को मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पीएसी की बैठक करीब एक घंटे तक चली. पीएसी के सभी सदस्य और मौजूदा कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे. बैठक के बाद सौरभ भारद्वाज ने बताया कि मीटिंग में मौजूद एक-एक नेता से केजरीवाल ने दिल्ली के नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा की और उनका फीडबैक लिया. केजरीवाल ने उनसे दिल्ली के मौजूदा सियासी माहौल, नए मुख्यमंत्री के नाम और उसके आप की भविष्य की सियासत पर पड़ने वाले असर पर राय ली. दिल्ली समेत देश के दूसरे राज्यों में होने वाले चुनाव की स्थितियों की आकलन किया गया.
Delhi CM Arvind Kejriwal proposes the name of Delhi Minister Atishi as the new Chief Minister. She has been elected as the leader of Delhi AAP Legislative Party: AAP Sources pic.twitter.com/65VPmPpA39
— ANI (@ANI) September 17, 2024
सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम शामिल हैं. इसमें मौजूदा कैबिनेट के सदस्य आतिशी, सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत के अलावा पूर्वी दिल्ली लोकसभा के प्रत्याशी रहे कुलदीप कुमार, विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़लान समेत दूसरे नाम भी शामिल हैं.
मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सबसे आगे सुनीता केजरीवाल का नाम है. सुनीता केजरीवाल अरविंद केजरीवाल की पत्नी हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीति में उन्होंने एंट्री ली. वो स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल रहीं. इस दौरान एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें केजरीवाल का उत्तराधिकारी माना जाने लगा. फिलहाल, चर्चाओं के बीच अब इस बात की संभावना सबसे ज्यादा है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री केजरीवाल के परिवार से यानि उनकी पत्नी ही होंगी.
केजरीवाल के जेल में होने के दौरान मंत्री आतिशी ने बढ़चढ़कर सरकार के कामकाज को संभाला. पब्लिक और मीडिया के बीच समय-समय पर मजबूती से आम आदमी पार्टी का पक्ष भी रखती रहीं. आतिशी अगली मुख्यमंत्री होंगी इस बात को केजरीवाल के उस फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है जब 15 अगस्त को झंडा फहराने के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आतिशी का नाम आगे किया था. अपने भरोसेमंद विधायकों में केजरीवाल आतिशी को सबसे आगे मानते हैं.

