उत्तराखंड

हिंडनबर्ग मामले को लेकर कांग्रेस विधायकों का भराड़ीसैंण में प्रदर्शन, देहरादून की सड़कों पर भी जताया विरोध

उत्तराखंड: गुरुवार को हिंडनबर्ग मामला देश की राजधानी से चलकर भराड़ीसैंण की शांत वादियों तक पहुंच गया. विधानसभा भवन के बाहर कांग्रेस के विधायकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.

गैरसैंण के भराड़ीसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन के शुरू होने से पहले ही सदन के बाहर हंगामा देखने को मिला. भराड़ीसैंण में दूसरे दिन की कार्रवाई शुरू होने से पहले विपक्ष के सभी विधायक हिंडनबर्ग मामले पर लामबंद नजर आए. विपक्षी विधायकों ने भराड़ीसैंण विधानसभा भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया.

विपक्ष के विधायकों ने कहा कि लगातार इस मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. भ्रष्टाचार में सरकारी एजेंसियों के तार जुड़े होने के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में सरकार और पूरा देश इस वक्त एक बड़े भ्रष्टाचार के चपेट में है. विपक्ष इसके खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहा है.

हल्द्वानी से विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि केंद्र से लेकर राज्य तक भाजपा सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है. हिंडनबर्ग के मामले में सरकारी एजेंसियों की भूमिकाओं पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे में शराफत का चोला ओढ़ने वाली भाजपा आज पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है. खटीमा से कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि सरकार की नीति आम लोगों को लूटने और अमीरों को लाभ पहुंचाना है. इसी का एक उदाहरण हिंडनबर्ग मामला है, जहां पर सरकार की सच्चाई सामने आ गई है.

अब सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसको देश बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा. वहीं इसके अलावा विपक्ष के विधायकों ने कहा कि सदन के भीतर भी वह भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज को बुलंद करेंगे.

माहरा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार सरकार के खिलाफ मुखर हैं, लेकिन उनके ऊपर भी केंद्रीय एजेंसियों की जांच बैठाई जा रही है. उनको केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से डराने की कोशिशें की जा रही हैं. हाल ही में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है, उस रिपोर्ट में प्रमाण सहित एक बड़े समूह और सेबी प्रमुख पर आरोप लगाये गये हैं. लेकिन सरकार इसमें त्वरित कार्रवाई की बजाय उद्योगपति को बचाने में लगी हुई है. उन्होंने कहा कि लाखों करोड़ों लोगों का पैसा स्टॉक मार्केट में डूब गया, उसका कौन जिम्मेदार है, यह जानने का अधिकार लोगों को है.

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