उत्तराखंड

सोनीपत की जंग में कूदे हरीश रावत, जानिए उत्तराखंड और हरदा के लिए क्यों खास है सतपाल ब्रह्मचारी

उत्तराखंड: आखिरकार लंबे समय के बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत एक बार फिर लोकसभा चुनाव के प्रचार में नजर आ रहे हैं. हरीश रावत हरियाणा के सोनीपत में सतपाल ब्रह्मचारी के समर्थन में प्रचार में जुट गए हैं. हरीश रावत हरिद्वार में अपने बेटे वीरेंद्र रावत को टिकट दिलाने से लेकर मतदान​तक मोर्चा संभाला.

यहां तक की हरीश रावत ने हरिद्वार सीट छोड़कर प्रदेश की किसी भी सीट पर प्रचार तक नहीं किया. अब पानीपत में हरीश रावत प्रचार करने पहुंचे है. बता दें कि हरीश रावत की कई प्रदेशों में बतौर स्टार प्रचारक डिमांड है. लेकिन हरीश रावत सिर्फ सतपाल ब्रह्मचारी के लिए ही प्रचार करने पहुंचे हैं.

इसके पीछे की वजह सतपाल ब्रह्मचारी का हरिद्वार से खास कनेक्शन माना जा रहा है. इसके अलावा हरीश रावत की सोशल मीडिया पोस्ट में एक फोटो भी शेयर की गई है. जिसमें हरीश रावत एक पोस्टर पकड़े हुए नजर आ रहे हैं। इसमें लिखा है कि हरिद्वार से टीम वीरेंद्र के आदेश पर प्रचार के लिए.

सतपाल ब्रह्मचारी का उत्तराखंड की सियासत खासकर कांग्रेस में काफी बड़ा नाम है. वे हरिद्वार सीट से भी दावेदार माने जा रहे थे. हालां​कि हरीश रावत के वे काफी करीबी हैं. हरिद्वार में दो आश्रमों के महंत हैं और हरियाणा के लोगों की वहां आवभगत होती है. सतपाल ब्रह्मचारी ने साल 2022 में हरिद्वार विधानसभा सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता मदन कौशिक के खिलाफ कांग्रेस से चुनाव लड़ा था.

हार के बावजूद उन्हें मार्च 2023 में हरिद्वार महानगर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था. उन्होंने सियासी पारी की शुरुआत 2003 में कर दी थी जब वह हरिद्वार नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए थे. इसके बाद 2012 में वह विधानसभा का चुनाव लड़े. 2017 में टिकट नहीं मिला तब भी वह सक्रिय रहे और 2022 में फिर विधानसभा का टिकट ले आए. इस बार उन्होंने सोनीपत लोकसभा का टिकट हासिल कर कांग्रेस में अपनी पकड़ को साबित कर दिया है.

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