उत्तराखंड

हेमकुंड साहिब में अभी भी जमी है 8 फीट तक बर्फ, 25 मई खुलेंगे कपाट

उत्तराखंड: पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध सिखों पवित्र धार्मिक स्थल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा भी 25 मई से शुरू होने जा रही है. यात्रा की तैयारियां अपने अंतिम चरण में है. शुक्रवार को चमोली जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने गोविंद घाट गुरुद्वारा से हेमकुंड साहिब तक 18 किलोमीटर के पैदल मार्ग का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने यात्रियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए.

चमोली जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि इस साल 2024 में 25 मई को श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल मंदिर के कपाट खोले जाएंगे. हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा के आसपास अभी भी करीब आठ फीट तक बर्फ जमा है. लक्ष्मण मंदिर व हेमकुंड सरोवर भी पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है. हालांकि सेना के जवानों ने हेमकुंड साहिब मार्ग पर बर्फ हटाकर आवाजाही सुचारू कर दी है.

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पैदल यात्रा मार्ग पर मोड सुधारीकरण, रेलिंग, पार्किंग, घोडा पडाव और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेन शेल्टर, यात्री शेड, बेंच साइनेज सहित बिजली, पानी, शौचालय, साफ सफाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा की समुचित व्यवस्थाएं की जाए. साथ ही घोड़े-खच्चरों के लिए भी गर्म पानी की उचित व्यवस्था की जाए.

जिलाधिकारी खुराना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को सुचारू करें. यात्रा मार्ग पर किलोमीटर, हेक्टोमीटर स्टोन और साइनेज लगाए जाए. जल संस्थान को यात्रा मार्ग पर सभी स्टैंड पोस्टों और वाटर एटीएम में शुद्ध पेयजलापूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए.

जिलाधिकारी ने इको विकास समिति को पुलना, भ्यूंडार, जंगल चट्टी, घांघरिया, अटलाकोटी में निर्मित नए शौचालयों में रंगरोगन और यात्रा मार्ग पर सभी सुलभ शौचालयों में बिजली, पानी सहित यात्रा मार्ग पर साफ सफाई की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए.

हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर लोनिवि ने 84 डेंजर मोडों में से 72 मोडों का सुधारीकरण कार्य पूर्ण हो गया है और शेष कार्य प्रगति पर है. सेना के जवानों ने हेमकुण्ड साहिब मार्ग पर बर्फ हटाकर आवाजाही सुचारू कर दी गई है. म्यून्डार गांव में 165 मीटर लंबा पुल बनकर तैयार है.

पुलना से हेमकुण्ड तक के ट्रैक पर 14 रेन शेल्टर, 02 यात्री शेड और 282 बैंच लगाकर यात्रियों के बैठने के लिए तैयार किए गए हैं. हेमकुंड यात्रा मार्ग पर स्थित 30 पीटीएसपी व टीटीएसपी है, जिन पर पेयजल सुचारू करने का काम चल रहा है. पुष्पावती नदी से घांघरिया के लिए नई पेयजल लाइन पर भी काम शुरू हो गया है. साथ ही घांघरिया में घोड़े-खच्चरों के लिए बाइपास बनाया गया है. अटलाकोटी तल्ली और मल्ली में दो नए शौचालय बनाए गए है.

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