उत्तराखंड: सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार के हर की पैड़ी पर विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. हरकी पैड़ी के ब्रह्म कुंड से लेकर गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे है. वहीं कहा जा रहा है की इस बार सोमवती अमावस्या का स्नान बहुत ही दुलर्भ संयोग के साथ पड़ा है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से अभी तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच चुके हैं. जिसके चलते आज श्रद्धालुओं का आकंड़ा बढ़ने की उम्मीद है.
पंडितों के अनुसार जब भी कोई अमावस्या सोम युक्ता अर्थात सोमवार के दिन पड़ेगी तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है. इस दिन का स्नान का बहुत महत्व माना गया है। यह स्नान दान के लिए, पितरों के लिए बहुत ही पुण्य दाई होता है. जो लोग इस दिन अपने पितरों के निमित्त पूजा अर्चना दान इत्यादि करते हैं, उनके पित्र तृप्त रहते हैं और उनका घर धन-धान्य से भरा रहता है. सोमवती अमावस्या के विशेष दिन पर इंद्र योग का निर्माण हो रहा है.
ज्योतिषाचार्यों की माने तो इस दिन समस्त शिव परिवार और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना का विधान है. इसमें सभी को परिवार समेत गंगा स्नान और देव दर्शन करने चाहिए. सोमवती अमावस्या के विशेष दिन पर समस्त शिव परिवार और माता लक्ष्मी को चावल की खीर का भोग अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और देवी-देवता प्रसन्न मुद्रा में मनोवांछित फल की कामना को पूरा करते हैं.

