उत्तराखंड: प्रदेश का विकास यहां के तीथस्थलों पर भी निर्भर करता है. यहां की अर्थव्यवस्था में कई अधिक योगदान पर्यटन क्षेत्र से आता है. वही राज्य में देश भर से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु राज्य में चारधाम यात्रा के लिए पहुंचते है. चारधाम यात्रा के लिए सभी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ यहां दर्शन के लिए पहुंचते है. इस वर्ष के लिए भी केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो चुकी है ऐसे में कई श्रद्धालु इनकी पूरी जानकारी ले रहे है.
चारधामों में सबसे ज्यादा उत्साह हमेशा से श्रद्धालुओं के बीच देवों के देव महादेव केदारनाथ धाम के दर्शन को ज्यादा उत्सुकता रहती है. इस वर्ष 10 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय की गई है. बद्री केदार समिति की ओर से श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो इसके लिए पूरी तैयारी करी जा रही है.
इस वर्ष केदारनाथ हेली सेवा के किराये में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. केदारनाथ के कपाट खुलने के दिन से ही सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी से हेली सेवा का संचालन शुरू हो जाएगा. उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने केदारनाथ हेली सेवा के संचालन के लिए एविएशन कंपनियों के साथ तीन साल का अनुबंध किया है. अनुबंध की शर्तों के अनुसार, इस बार हेली कंपनियां किराये में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी करेगी.
पिछले साल हुई केदारनाथ यात्रा में 1.50 लाख से अधिक तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे थे. पिछले यात्रा सीजन में पवन हंस, कैट्रल एविएशन, हिमालयन हेली, एयरो एविएशन समेत अन्य कंपनियों से हेली सेवा का संचालन किया था. वहीं टिकटों की मारामारी ना हो इसके लिए पिछले साल की तरह टिकटों की बुकिंग आईआरसीटीसी के माध्यम से टिकटों की बुकिंग की जाएगी.
अगर आप भी हेली सेवा के माध्यम से यात्रा की सोच रहे है तो सबसे पहले अपना पंजीकरण जरूर कराएं. हेली सेवा की बुकिंग के लिए यात्रा पंजीकरण अनिवार्य है. साथ ही एक बार में एक व्यक्ति अपनी आईडी से अधिकतम छह सीटों की बुकिंग कर सकेगा, जबकि समूह में यात्रा करने वाले यात्री एक बार में 12 सीट बुक कर सकते हैं.

