उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई. बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित करीब 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. इसके साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई.
सचिवालय में दोपहर 3:55 बजे शुरू हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई. बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश की विकास योजनाओं और सरकारी कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बैठक का प्रमुख निर्णय ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी देना रहा. इस स्वीकृति के बाद सरकार आगामी विधानसभा सत्र में अनुपूरक बजट सदन के पटल पर पेश करेगी. अनुपूरक बजट के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में आवश्यक अतिरिक्त व्यय के लिए बजटीय प्रावधान किए जाते हैं.
कैबिनेट की इस बैठक में मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा शामिल नहीं हुए. बैठक में करीब 26 प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभागों द्वारा स्वीकृत निर्णयों के क्रियान्वयन की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
कैबिनेट बैठक में मंजूर किए गए सभी 26 प्रस्तावों का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद सरकार के फैसलों और उनके संभावित प्रभावों की तस्वीर और स्पष्ट होगी.
धामी कैबिनेट में इन फैसलों पर भी लगी मुहर
- अनुसूचित जाति जनजाति के छात्रों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए परिवार की सालाना आय सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर आठ लाख किया गया
- उरेड़ा के ढांचे का होगा पुनर्गठन. इसे भी मंजूरी मिल गई है.
- ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा देने पर बनी सहमति
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह घ के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को मिली मंजूरी
- स्टांप संबंधित वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी.
- दिव्यांगजनों को उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में पांच अंको की छूट मिलेगी.
- उत्तराखंड में पुल और सड़क के निर्माण की स्वीकृति अब अलग-अलग नहीं एक ही स्वीकृति से काम होगा.
- उत्तर प्रदेश पुनर्निर्माण अधिनियम 2000 में जनजातियों की सूची में अंकित जन्नासारी को जौनसारी करने पर कैबिनेट की मिली मंजूरी.
- समान नागरिक संहिता के प्रावधानों के लिपिकीय त्रुटि को दूर करते हुए, यूसीसी संशोधन को मिली मंजूरी.

