गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है. कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया है. दिल्ली एनसीआर में हल्की ठंड शुरू होने के बाद से ही प्रदूषण का लेवल तेजी के साथ बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में दिल्ली एनसीआर एयर क्वालिटी इंडेक्स में और इजाफा होने की संभावना है.
राजधानी दिल्ली में भी वायु प्रदूषण से राहत नहीं मिल रही है. दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 230 दर्ज किया गया है. विभिन्न निगरानी केदो पर प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया है. जहांगीरपुरी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 310, पूसा में 318, चांदनी चौक में 302, पंजाबी बाग में 304 और आरके पुरम में 300 दर्ज किया गया है. इसके अलावा दिल्ली के अधिकतर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार यानी कि खराब श्रेणी में है.
गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 222 दर्ज किया गया है. हालांकि, विभिन्न निगरानी केंद्र के आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है. लोनी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 250, इंदिरापुरम में 258, संजय नगर में 255, वेव सिटी में 273 और वेद विहार लोनी में 213 दर्ज किया गया है. बीते दिन की तुलना में आज गाजियाबाद के प्रदूषण स्तर में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
ग्रेटर नोएडा में AQI 315 तक पहुंचा
ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है. यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 248 दर्ज किया गया है, जबकि नॉलेज पार्क 5 में एयर क्वालिटी इंडेक्स 315 तक पहुंच गया है. नॉलेज पार्क 3 में 181 दर्ज किया गया है. नोएडा शहर का एकयूआई 203 है. सेक्टर 62 में 296 दर्ज किया गया है. जबकि सेक्टर 125 और सेक्टर 116 में एयर एयर क्वालिटी इंडेक्स 170 रहा. आकड़े स्पष्ट कर रहे हैं ग्रेटर नोएडा के कुछ इलाकों में प्रदूषण का दबाव अधिक है.
प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से सांस लेने में परेशानी खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.बच्चों और बुजुर्गों और अस्थमा की मरीज को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर खुले में एक्सरसाइज आदि करने से भी बचना चाहिए.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक 201 से 300 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स होने पर हवा खराब श्रेणी में आती है .जिससे लंबे समय तक संपर्क में रहने पर लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. वही 301 से 400 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है. जिससे लंबे समय तक रहने से सांस संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. 400 से अधिक गंभीर श्रेणी में आता है जो स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है और पहले से बीमार लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है.

