उत्तराखंड: पशुपालन विभाग और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने को लेकर नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा. जिसमें 88 पशुधन प्रसार अधिकारी और 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
सीएम धामी ने कहा कि, नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है. आज से वे उत्तराखंड सरकार का अभिन्न हिस्सा बनने के साथ ही जनसेवा की महत्वपूर्ण यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं. उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से अपने ज्ञान, ऊर्जा और नए विचारों के माध्यम से शासकीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने और अपनी कार्यशैली से उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की.
LIVE: देहरादून में पशुपालन विभाग एवं गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित पशुधन प्रसार अधिकारियों एवं गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम
https://t.co/wxNqT28nOR— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 3, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि, पशुपालन और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन हजारों परिवारों की आजीविका, मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण और गांवों की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है. राज्य सरकार पशुपालन को रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के माध्यम से पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है.
साथ ही कहा कि पशुपालकों को अनुदान पर गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां उपलब्ध कराने के साथ ही पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति भी प्रतिबद्ध है. गन्ना सर्वेक्षण की व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है. किसानों को नई तकनीक, उन्नत गन्ना प्रजातियों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं. उत्तराखंड में गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में 5 रुपए प्रति क्विंटल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है.

