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ग्रेटर नोएडा में पानी महंगा, पेयजल शुल्क में 10% की बढ़ोतरी

ग्रेटर नोएडा: निवासियों के लिए महंगाई के बीच एक निराश कर देने वाली खबर सामने आई है. 1 अप्रैल से शहर में पेयजल शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है. इस बढ़ोतरी का सीधा असर आवासीय व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियां के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. यानी पानी के लिए लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा भुगतान करना होगा. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा लिए गए पुराने निर्णय के अनुसार, पेयजल दरों में हर वर्ष वृद्धि की जाती है. यह फैसला वर्ष 2013 में हुई 95वीं बोर्ड बैठक में लिया गया था, जिसमें तय किया गया था कि हर वित्तीय वर्ष में पानी के शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी. इस नियम के तहत इस साल भी नई दरें लागू की गई हैं.

पेयजल शुल्क का निर्धारण भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर किया जाता है. उदाहरण के तौर पर 60 वर्ग मीटर के भूखंड के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 2,280 रुपए का शुल्क था. अब 10 प्रतिशत वृद्धि के बाद इसमें और इजाफा होगा. बड़े भूखंडों और व्यावसायिक इकाइयों पर इसका असर और ज्यादा देखने को मिलेगा. यह बढ़ोतरी केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुकानों, फैक्ट्रियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी लागू होगी. ऐसे में आम आदमी से लेकर कारोबारी तक सभी को इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा. पहले से महंगाई झेल रहे लोगों के लिए यह फैसला चिंता बढ़ने वाला माना जा रहा है.

हर साल होने वाले इस बढ़ोतरी को लेकर लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है. सेक्टर पी-3 के आरडब्ल्यूए के सचिव मोहित भाटी का कहना है कि एक तरफ सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं दिखता तो वहीं दूसरी तरफ हर साल शुल्क बढ़ा दिया जाता है. ग्रेटर नोएडा में कई सेक्टर में आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का विरोध भी जताया है और इस फैसले पर प्राधिकरण को पत्र लिखकर पुर्नविचार करने की मांग की है.

वहीं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग के अधिकारी विनोद शर्मा का कहना है कि यह बढ़ोतरी पहले से तय नीति के अनुसार की जा रही है. उनके मुताबिक, पानी की आपूर्ति, रख-रखाव और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च को देखते हुए वृद्धि जरूरी है. साथ ही यह भी कहा गया है कि शहर में विकास और बेहतर सुविधाओं के लिए यह कदम उठाया गया है.

शहर के लोगों का कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई के बीच पानी का महंगा होना लोगों के लिए एक और झटका है. बिजली, गैस और अन्य जरूरी सेवाओं के खर्च के साथ अब पानी का बिल भी बढ़ने से घरेलू बजट पर दबाव पड़ेगा. शहर में पानी के दाम बढ़ने से साफ है कि आने वाले समय में लोगों को अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी. हालांकि प्राधिकरण इसे जरूरी कदम बता रहा है, लेकिन आम जनता के लिए यह फैसला आर्थिक बोझ बढ़ने वाला साबित हो रहा है.

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