उत्तराखंड

उत्तराखंड चारधाम यात्रा की तैयारियां परखेगा NDMA, 10 अप्रैल को होगी मॉक ड्रिल

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा की तैयारियां जोर शोर पर चल रही हैं. यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की पूरी तैयारियां हैं. चारधाम यात्रा से संबंधित तैयारियों को परखने के लिए NDMA के नेतृत्व में उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग आगामी 10 अप्रैल को चारधाम के संबंधित जिलों के साथ ही गढ़वाल रीजन के सभी जिलों में मॉक ड्रिल कराएगा. इसके लिए हर जिले के लिए अलग-अलग सिनेरियो क्रिएट करने की रणनीति तैयार की गई है, ताकि आगामी चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियों में हुई कर्मियों को चिन्हित कर उसको दूर किया जा सके.

उत्तराखंड चारधाम की यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो रही है. पिछले साल की तरह इस साल भी चारधाम की यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. इसे देखते हुए शासन प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है. इसके साथ ही यात्रा से जुड़े विभागों ने अपनी- अपनी व्यवस्थाओं को धरातल पर उतारने की कवायद भी शुरू कर दी है. ताकि 19 अप्रैल से पहले इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाए क्योंकि चारधाम के कपाट खुलने से दो दिन पहले ही चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की रवानगी शुरू हो जाती है.

उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान कई बार श्रद्धालुओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इनमें भूस्खलन होने की वजह से यातायात बाधित होना, वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के चलते ट्रैफिक जाम होना समेत अन्य समस्याएं शामिल हैं. इसके अलावा कई बार आपदा सीजन के दौरान भी चारधाम यात्रा काफी अधिक प्रभावित होती है. इसको देखते हुए भी आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पहले से ही व्यवस्थाओं को मुकम्मल कराया जाता है, ताकि भारी बारिश या फिर भूस्खलन की वजह से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े. यही वजह है कि चाधाम से संबंधित जिलों रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चमोली के साथ ही गढ़वाल रीजन के अन्य जिलों में भी मॉक ड्रिल कराया जाएगा.

भले ही उत्तराखंड के चारधाम तीन जिलों रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चमोली में मौजूद हैं, लेकिन इसमें अन्य जिले शामिल होते हैं. चारधाम की यात्रा ऋषिकेश और हरिद्वार से शुरू होती है. यही वजह है कि चारधाम यात्रा में तीन जिलों के साथ ही देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ऐसे में 10 अप्रैल को गढ़वाल रीजन के जिलों में मॉक ड्रिल करायी जाएगी. यह मॉक ड्रिल एनडीएमए (National Disaster Management Authority) की ओर से कराई जाएगी. इसमें उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी भी शामिल होंगे.

सुमन ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए जिलों से बातचीत की जाएगी, ताकि ये पता लगाया जा सके कि किस जिले में किस तरह की समस्याएं सामने आती है. इसमें ट्रैफिक जाम, भगदड़, भूस्खलन, सड़क बाधा, आगजनी, बाढ़ समेत अन्य सिनेरियो क्रिएट किए जाएंगे. ऐसे में मॉक ड्रिल के दौरान एनडीएमए की ओर से इस चीज को देखा जाएगा कि जिलों की तैयारी कैसी है. संसाधनों की क्या स्थिति है. कर्मचारी कितने ट्रेंड हैं और क्या- क्या कमियां हैं. कमियों को कैसे दूर किया जाएगा उसके उपाय पर ध्यान दिया जायेगा.

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