दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 3,200 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है, जिससे देशभर के लगभग 30 लाख आपदा-प्रभावित किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी घोषणा करते हुए बताया कि यह योजना किसानों के जीवन और आय सुरक्षा के लिए एक वरदान साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि अगली किस्त के रूप में 8,000 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे.
मंत्री चौहान ने साफ किया कि अब बीमा कंपनियों पर समय पर भुगतान करने का सख्त प्रावधान लागू होगा. यदि कोई बीमा कंपनी निर्धारित समय सीमा में दावा राशि नहीं देती है, तो उसे 12% ब्याज का भुगतान करना होगा, जो सीधे किसान के खाते में जमा होगा. उन्होंने कहा, “किसानों के हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है.
आज प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लगभग 30 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹3200 करोड़ की राशि डाली जानी है। ये पहली किस्त है, इसलिए जिन किसानों के खातों में आज पैसे नहीं आएंगे, वे चिंता न करें। लगभग ₹8 हजार करोड़ की राशि बाद में जारी की जाएगी।
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— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) August 11, 2025
वीडियो संदेश में मंत्री चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है. उन्होंने किसानों से योजना से संबंधित किसी भी शिकायत को सीधे साझा करने का आग्रह किया. उनके अनुसार, प्राकृतिक आपदाएं केवल फसलें ही नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका को भी नष्ट करती हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को सूखा, बाढ़, चक्रवात, भारी बारिश, बीमारी और कीट हमलों जैसी परिस्थितियों में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने 18 फरवरी 2025 को अपनी नौवीं वर्षगांठ मनाई. 2016 में शुरू की गई यह योजना किसानों को अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल हानि की भरपाई के लिए एक व्यापक ढाल प्रदान करती है. जनवरी 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PMFBY और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को 2025-26 तक जारी रखने की मंजूरी दी, जिसके लिए ₹69,515.71 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है.
योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2023-24 में गैर-लोनी किसानों की कवरेज 55% तक पहुंच गई है. यह दर्शाता है कि किसान इस योजना को स्वेच्छा से अपना रहे हैं. मंत्री चौहान ने कहा, “हमारा प्रयास है कि देश का हर किसान इस योजना के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच प्राप्त करे.”

