उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा का अपने सरकारी आवास पर स्वागत और सम्मान किया. इस दौरान सीएम ने संदेश यात्रा का फूल बरसाकर स्वागत किया.
इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार अवैध धर्मांतरण के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है. कुछ ताकतें योजनाबद्ध तरीके से देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश कर रही हैं.
जो बोले सो निहाल!
सत् श्री अकाल!आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप का आगमन हुआ।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी संपूर्ण मानवता के लिए एक प्रेरणापुंज हैं। pic.twitter.com/VPl6yHPIEv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 12, 2025
यह समाज को तोड़ने और धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश है. ऐसी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. यह देश और समाज के खिलाफ गहरी साजिश है. अनुसूचित जाति के लोगों को लालच और भय के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो संविधान और सामाजिक समरसता के खिलाफ है.
गौरतलब है कि संदेश श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा लखनऊ से चलकर कानपुर, इटावा, आगरा होकर दिल्ली के चांदनी चौक और शीशगंज गुरुद्वारा तक जाएगी. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्म देकर सम्मानित किया गया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कहा कि प्रदेश सरकार अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है. सरकार ने हाल ही में बलरामपुर में एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें अवैध धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से धन राशि प्राप्त करने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया.
इस कार्रवाई में अवैध धर्मांतरण के लिए रेट तय करने के मामले को उजागर किया गया. अब तक छांगुर से जुड़े 40 खातों में 100 करोड़ से अधिक का लेन-देन पाया गया है. यह आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा है.
सीएम योगी ने कहा कि यात्रा के माध्यम से 350 वर्ष के शहीदी इतिहास को जीवंत किया जा रहा है, जिसमें उस समय के कठिन कालखंड की याद दिलाई जा रही है, जब औरंगजेब जैसे अत्याचारी शासक का शासन था. शासक का उद्देश्य था सनातन धर्म को समाप्त करना और इस्लामिक धर्म को बढ़ावा देना.
गुरु तेग बहादुर जी ने इस चुनौती का सामना करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन अपने पथ से कभी विचलित नहीं हुए. उन्होंने अपने बलिदान से आने वाली पीढ़ियों को एक प्रेरणा दी. यह पूरी यात्रा शहादत और बलिदान की परंपरा की नींव पर खड़ी है.
जब हम इस शहीदी दिवस के आयोजन को देखते हैं, तो हमें उन संघर्षों और बलिदानों की याद आती है, जिनके कारण आज हम स्वतंत्र और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हैं. सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है. हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा.
उन्होंने कहा कि शहीदी दिवस कार्यक्रम हमें यह प्रेरणा देता है कि हम सिख गुरुओं के बलिदान और शहादत की परंपरा को बनाए रखें और इसे वर्तमान समय के अनुसार अपनी रणनीतियों में ढालें. इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज में कोई भी जाति, धर्म, वर्ग अपनी संस्कृति और धर्म को छोड़ने के लिए दबाव में न आएं.
सीएम ने 550 वें प्रकाश पर्व और बाल दिवस के अवसर पर होने वाले आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब ये कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाते हैं. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के निर्णय का स्वागत किया.
इस अवसर पर राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, विधान परिषद सदस्य सरदार हरि सिंह ढिल्लो, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सरदार परविंदर सिंह, महासचिव दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी सरदार जगदीप सिंह कहलो, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद आदि उपस्थित थे.

