देश: मध्य प्रदेश के श्योपुर में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म प्रोटोटाइप की पहली उड़ान का परीक्षण किया जो सफल रहा. शनिवार की शाम डीआरडीओ के श्योपुर स्थित परीक्षण स्थल पर भारत की पहली स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म की टेस्टिंग की गई.
उत्तरप्रदेश के आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट संस्थान ने इस एयरशिप को तैयार किया है. इसके बाद श्योपुर में इसे परीक्षण स्थल से 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक उपकरणीय पेलोड के साथ लांच किया. डीआरडीओ के मुताबिक इस एयरशिप ने 1 घंटा 02 मिनट तक उड़ान भरी. इसके बाद टेस्टिंग टीम ने इस उपकरणीय पेलोड सिस्टम को सफलता के साथ रिकवर भी कर लिया. इसके साथ ही भारत इस तकनीक में सफलता हासिल करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो गया.
DRDO successfully conducts maiden flight trial of Stratospheric Airship with instrumental payload to an altitude of around 17 kms. This lighter than air system will enhance India’s earth observation and Intelligence, Surveillance & Reconnaissance capabilities, making the country… pic.twitter.com/HXeSl59DyH
— DRDO (@DRDO_India) May 3, 2025
स्ट्रेटोस्फेयर हमारे वायुमंडल की विभिन्न परतों में से एक है. पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद आकाश के ऊपर ट्रॉपोस्फियर और ओजोन लेयर के बाद तीसरी लेयर स्ट्रेटोस्फेयर के नाम से जानी जाती है. जो क्षोभ सीमा के ऊपर 16 किलोमीटर से 40 किलोमीटर की ऊंचाई तक होती है. जो सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली हानिकारक पर्पलरेज को अवशोषित करती हैं.
डीआरडीओ के सफल परीक्षण के पूर्ण होने पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बधाई दी है. उनका कहना है कि “यह सिस्टम आने वाले समय में भारत से पृथ्वी के ऑब्जरवेशन और इंटेलिजेंस को बढ़ाएगा. साथ ही निगरानी और टोही क्षमताओं को भी बढ़ाने में मददगार होगा.”

