हिमालय की चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है. 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम की यात्रा शुरू हुई. यात्रा के पहले दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा दिखाई दिया. दरअसल, 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद से शाम 6 बजे तक कुल 17 हजार 222 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. वहीं 2 मई को केदारनाथ धाम और 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. इस सीजन चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अत्यधिक उत्साह देखा जा रहा है.
उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर आने के लिए श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. 30 अप्रैल की शाम 5 बजे तक चारधाम की यात्रा के लिए 22 लाख 67 हजार 190 श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. जिसमें यमुनोत्री धाम के लिए 3 लाख 71 हजार 556, गंगोत्री धाम के लिए 4 लाख 4 हजार 683,केदारनाथ धाम के लिए 7 लाख 64 हजार 38, बदरीनाथ धाम के लिए 6 लाख 84 हजार 955 श्रद्धालु और हेमकुंड साहिब के लिए 41 हजार 958 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाएं हैं.
वहीं, 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद शाम 6 बजे तक 14 हजार 112 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम में दर्शन किए. जिसमें 7550 पुरुष, 6000 महिला और 562 बच्चे शामिल हैं. इसी तरह गंगोत्री धाम में कुल 3110 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. जिसमें 1550 पुरुष, 1000 महिला और 560 बच्चे शामिल हैं.
उत्तराखंड चारधाम की यात्रा इस बार कई मायने में बेहद खास मानी जा रही है. क्योंकि जहां एक ओर उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर चारधाम की यात्रा संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए ग्राउंड जीरो पर विशेष ध्यान दिया गया है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस साल चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ नया कीर्तिमान रिकॉर्ड हासिल करेंगे.

