उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को एक साथ कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई. राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए कुल ₹1096 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई. इस राशि का दायरा काफी व्यापक है एक तरफ गाँव की पगडंडियों पर पुल बनाने की बात है, तो दूसरी तरफ 2027 के महाकुम्भ की तैयारियों के लिए हरिद्वार को चमकाने का इरादा भी.
नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में कोटाबाग के पतलिया स्थित गुरुणी नाले पर पुल निर्माण के लिए ₹9.43 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. यह पुल उस इलाके के लोगों के लिए वर्षों पुरानी जरूरत थी, जो बरसात में नाले के उफान से कट जाते थे.
इसके साथ ही विकासखंड रामगढ़ में मोहन बाजार मुक्तेश्वर में कार पार्किंग निर्माण के लिए ₹9.89 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जिसमें पहली किश्त के रूप में ₹3.95 करोड़ तुरंत जारी किए जाएंगे. मुक्तेश्वर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है और वहाँ पार्किंग की समस्या पर्यटकों और स्थानीय दोनों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बनी हुई थी.
छठे राज्य वित्त आयोग के तहत प्रदेश के तमाम शहरी स्थानीय निकायों को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के लिए ₹328.27 करोड़ जारी किए गए हैं. तीन गैर-निर्वाचित निकायों को अप्रैल से सितंबर की छमाही के लिए अलग से ₹3 करोड़ दिए जाएंगे. कुल मिलाकर शहरी निकायों के लिए ₹331.27 करोड़ की राशि अवमुक्त होगी.
पंचायती राज संस्थाओं को भी इस बार अच्छी-खासी धनराशि मिली है. जिला पंचायतों को पहली तिमाही के लिए ₹82.20 करोड़, क्षेत्र पंचायतों को ₹75.46 करोड़ और ग्राम पंचायतों को ₹194.61 करोड़ यानी तीनों स्तर की पंचायतों के लिए कुल ₹352.27 करोड़ की मंजूरी दी गई है. इस राशि से गाँवों में विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
प्रारंभिक शिक्षा के अंतर्गत सरकारी सहायता प्राप्त गैर-सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए इस वित्त वर्ष में कुल ₹160 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसकी पहली किश्त ₹80 करोड़ अभी जारी की जाएगी.
माध्यमिक शिक्षा के लिए भी सरकार ने उदारता दिखाई है. अप्रैल से सितंबर 2026 यानी पहले छह महीनों के लिए ₹300 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने का निर्णय लिया गया है. यह राशि उन हजारों शिक्षकों के लिए राहत की खबर है, जो वेतन में देरी की शिकायत करते रहे हैं.
हरिद्वार में 2027 में होने वाले महाकुम्भ को देखते हुए शहरी विकास विभाग ने तीन अहम परियोजनाओं के लिए धन मंजूर कराया है. शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक और आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों के नवीनीकरण के साथ गुगाल मंदिर तक के रास्ते की मरम्मत के लिए ₹6.44 करोड़ दिए गए हैं. रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, शिव मूर्ति चौक और झंडा चौक के जंक्शन सुधार और सौंदर्यीकरण के लिए ₹6.83 करोड़ की स्वीकृति मिली है.
इसके अलावा कुम्भ मेले के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए डीजल-संचालित सेल्फ-प्रोपेल्ड वैक्यूम आधारित इलेक्ट्रिक रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीद और कमीशनिंग हेतु ₹5.95 करोड़ मंजूर किए गए हैं. ये मशीनें करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हरिद्वार की सड़कों को साफ रखने में काम आएंगी.
