उत्तराखंड उत्तराखंड में दर्ज हुई पहली ई जीरो एफआईआर, गृहमंत्री अमित शाह ने किया शुभारंभ
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उत्तराखंड में दर्ज हुई पहली ई जीरो एफआईआर, गृहमंत्री अमित शाह ने किया शुभारंभ

उत्तराखंड: धामी सरकार को चार साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की. इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरिद्वार को 427 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी. साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) सेवा का भी शुभारंभ किया.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ई जीरो एफआईआर प्रणाली का डिजिटल बटन दबाकर शुभारंभ किया. अमित शाह ने बताया उत्तराखंड में इस प्रणाली से 1930 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर से ई जीरो एफआईआर दर्ज की जा सकती है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में दर्ज पहली ई जीरो एफआईआर की कॉपी भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी भेंट की.

इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस में नई भर्ती के पांच आरक्षियों को औपचारिक रूप नियुक्ति पत्र सौंपा. नई भर्ती में करीब 2000 आरक्षी भर्ती किए गए हैं. CAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत लौटे पांच हिंदुओं को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किया. बलूचिस्तान के शैलेश, पाकिस्तान के जसपाल कुमार, पाकिस्तान की दुर्गा राजपूत और अफगानिस्तान की हंसेरी बाई को भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र प्रदान किया.

डिजिटल माध्यम से गृह मंत्री अमित शाह ने 1100 करोड़ रुपए से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में विभिन्न विकास योजनाओं से संबंधित विकल्प रहित संकल्प पुस्तक का विमोचन किया. गिरिजा शंकर जोशी, गिरिजा ने इस पुस्तक का संपादन किया है.

दरअसल, भारत में साइबर अपराधों को रिपोर्ट करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) के तहत शुरू की गई सेवा है. एनसीआरपी पोर्टल या फिर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज हो जाती है. इस सेवा के जरिए बिना पुलिस स्टेशन जाए पीड़ित व्यक्ति कहीं से भी रिपोर्ट करवा सकते हैं.

ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद 3 दिनों के भीतर इसे नियमित एफआईआर में बदला जाता है. बता दें कि सबसे पहले ये सुविधा दिल्ली में शुरू की गई है. अब उत्तराखंड में इस सेवा का आरंभ हुआ है. हालांकि, 10 लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी केस में ई-जीरो एफआईआर करवा सकते हैं.

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