उत्तर प्रदेश: विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान अनुपूरक बजट को लेकर सदन को सीएम योगी ने संबोधित किया. उनके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है. इसी के साथ ही यूपी विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त हो गया. सीएम योगी ने अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोलेा. उन्होंने कहा कि सपा का नेता मोईन खान इस कृत्य में शामिल पाया गया है. अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के साथ रहता है,उठता है खाता पीता है,उनके टीम का मेम्बर है. अब क्या इसपर कोई न बोले समाजवादी पार्टी ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की.
आदित्यनाथ ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए सपा और कांग्रेस पर जमकर शब्दबाण छोड़े और पंचतंत्र की एक कथा का जिक्र करते हुए अगले चुनावों के संदर्भ में कहा कि काठ की हंडिया बार-बार नहीं चढ़ेगी. उन्होंने लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अपनी पार्टी के घोषणापत्र में महिलाओं और युवाओं को हर साल एक लाख रुपये की सहायता देने के वादे के लिये ‘खटाखट’ शब्द का इस्तेमाल किये जाने का जिक्र करते हुए कहा, चुनाव में खटाखट, खटाखट, खटाखट, एक लाख का वह बॉण्ड कहां गया?.
मुख्यमंत्री ने सपा सदस्यों से मुखातिब होते हुए कहा, ‘मैं कह सकता हूं कि खटाखट नहीं, 27 (2027 के विधानसभा चुनाव) में सफा चट की तैयारी रखिए. तब हम एक लाख के बॉण्ड का हिसाब मांगेंगे. आदित्यनाथ ने कहा, यह काठ की हंडिया बार-बार नहीं चढ़ने वाली है। उसका समय पूरा हो गया है. मुझे लगता है कि समाजवादी पार्टी या कांग्रेस को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि वह बार-बार खटाखट जैसी योजना के माध्यम से जनता को धोखा दे सकेगी.’ उन्होंने सपा और कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा, संविधान का गला घोंटने वाले लोग कहते थे कि मोदी कि तीसरी बार आएंगे तो संविधान समाप्त कर देंगे. मोदी जी तो 10 वर्षों से सत्ता में हैं. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का जितना सम्मान मोदी जी ने किया है उतना किसी और ने नहीं किया. उनके स्मारकों के तौर पर पंच तीर्थ का निर्माण किया.
मुख्यमंत्री ने सपा सदस्यों से मुखातिब होते हुए कहा, आपको बुलडोजर से डर लगता है लेकिन यह निर्दोष के लिए नहीं है बल्कि उन अपराधियों के लिए है जो प्रदेश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं, प्रदेश के व्यापारियों और बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करते हैं. मैं यहां नौकरी करने के लिये नहीं आया हूं. मेरा दायित्व बनता है कि अगर कोई गड़बड़ी करेगा तो वह भुगतेगा भी. मैं अपना दायित्व मानता हूं कि हम लोग उससे लड़ेंगे। यह हमारी सामान्य लड़ाई नहीं है. यह प्रतिष्ठा की लड़ाई भी नहीं है. मुझे प्रतिष्ठा प्राप्त करनी होती तो उससे ज्यादा प्रतिष्ठा मुझे अपने मठ में मिल जाती है.
