उत्तर प्रदेश गाजियाबाद में निगम की 500 करोड़ की जमीन निगल गए भू-माफिया, कहीं बनाई पार्किंग तो कहीं बनाया हॉस्टल
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गाजियाबाद में निगम की 500 करोड़ की जमीन निगल गए भू-माफिया, कहीं बनाई पार्किंग तो कहीं बनाया हॉस्टल

उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल को हाल ही सूचना मिली थी कि नंदग्राम स्थित नगर निगम की जमीन पर बड़े स्तर पर कब्जा कर भूमि को बेच दिया गया है. साथ ही नगर निगम की जमीन पर पार्किंग चलाई जा रही है, कुछ हिस्से पर खेती हो रही है तो कहीं झुग्गियां डालकर लोग रह रहे हैं. इसपर महापौर सुनीता दयाल ने स्थानीय पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों के साथ भूमि का निरीक्षण किया.

स्थानीय परिषद और नगर निगम के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर महापौर सुनीता दयाल ने देखा कि खसरा न 207, 208, 172, 142, 167, 98, 95, 1082, 87, 88, 113, 117, 60 और 74 की अधिकांश भूमि भू-माफियाओं के द्वारा बेच दी गयी है और अब वहां मकान बने हुए है. नगर निगम की जमीन के खाली पड़े हिस्से पर खेती की जा रही है. नगर निगम की जमीन पर कहीं पार्किंग बनाकर अवैध रूप से वसूली की जा रही है. नगर निगम की जमीन के कुछ हिस्से पर झुग्गी डालकर लोग रह रहे हैं. जिसे किसी व्यक्ति द्वारा हर महीने किराया वसूला जाता है. जमीन के कुछ हिस्से पर प्लॉटिंग की जा रही है. कई जगह बाउंड्री वॉल भी दिखाई दी.

शहर के बीच होने के चलते जमीन की कीमत करोड़ों में है. महापौर सुनीता दयाल के मुताबिक, जमीन करीब 100 बीघा से अधिक होगी. जमीन की कीमत करीब 500 करोड़ रुपए होगी. भू-माफियाओं ने बड़े स्तर पर जालसाजी कर नगर निगम की जमीन को भेज दिया है. रजिस्ट्री किसी और खसरा नंबर की की गई है जबकि कब्जा नगर निगम की जमीन पर दिया गया है. गरीब लोगों के साथ भू-माफियाओं ने धोखाधड़ी की है.

महापौर सुनीता दयाल का कहना है कि नगर निगम की भूमि पर किसी को भी अवैध रूप से कब्जा नहीं करने दिया जाएगा. पहले भी हमने कार्रवाई कर नगर निगम की कई जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है. नंदग्राम में निगम की भूमि को चिह्नित किया जाएगा इसके बाद जमीन पर कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी. भू-माफियाओं के खिलाफ नगर निगम द्वारा FIR भी दर्ज कराई जाएगी.

ऐसा ही एक मामला मरियम नगर में सामने आया था, जिसमें नगर निगम द्वारा निगम की 500 गज जमीन पर भवन निर्माण किया गया था. नगर निगम द्वारा भवन को सील कर आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी. निरीक्षण के दौरान भवन की सील को हटाकर हॉस्टल चलाया जा रहा है भवन पर नगर निगम की संपत्ति लिखा गया था उसे भी छुपा दिया गया. हॉस्टल संचालक को जल्द खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. जल्द कब्जा खाली कर लिया जाएगा.

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