गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में अब ठंड बढ़नी शुरू हो गई है, जिसे देखते हुए गाजियाबाद नगर निगम की ओर से आश्रय स्थल और अस्थाई रैन बसीरों की व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है. गाजियाबाद की शहरी क्षेत्र में नगर निगम की ओर से संचालित किया जा रहे 22 आश्रय स्थल और 7 अस्थाई रैन बसेरों में तकरीबन 1100 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. रेन बसेरों में गर्म बिस्तरों के साथ, स्नान, शौचालय, टेलीविजन और पेयजल की व्यवस्था की गई है. प्रत्येक रैन बसेरे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षा गार्ड की भी तैनाती नगर निगम की तरफ से की गई है.
वहीं, नगर निगम की तरफ से जोनल अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है. हर जोनल अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप गई है कि वह शाम के बाद अपने क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और सड़क पर सोने वाले निराश्रित लोगों को आश्रय स्थलों में शिफ्ट कराएंगे. हालांकि, अभी ठंड की शुरुआत हुई है, ऐसे में आश्रय स्थलों में लोगों की संख्या कम नजर आ रही है, लेकिन माना जा रहा है कि ठंड बढ़ने के साथ लोगों की संख्या में भी इजाफा होगा. निगम अधिकारियों का दावा है कि अगर संख्या बढ़ती है तो शहरी क्षेत्र में अस्थाई रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जाएगी. मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद में नगर निगम द्वारा कुल 15 आश्रय स्थल संचालित किया जा रहे हैं.
कहां-कहां पर बने हैं शहरी क्षेत्र में आश्रय स्थल-
- नसीरपुर फाटक
- नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन
- कम्युनिटी सेंटर कौशांबी
- डीएलएफ कॉलोनी
- मोहन नगर
- कम्युनिटी सेंटर लाजपत नगर
- मधुबन कूलर फैक्ट्री मालीवाडा चौक
- कम्युनिटी सेंटर लाल क्वार्टर लोहिया नगर
- संतोष अस्पताल के सामने पुराना बस स्टैंड
- सेक्टर 11b प्रताप विहार विजय नगर
- रेड मॉल के पास नया बस अड्डा
- अर्थला जीटी रोड
- गोखाना रेत मंडी के पास
- इंदिरापुरम, मकनपुर
- सुदामापुरी
- न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी
- संजय नगर सेक्टर 23
इसके अतिरिक्त नगर निगम की तरफ से शहरी क्षेत्र में साथ रैन बसेरे की अस्थाई व्यवस्था भी की गई है. कौशांबी स्थित बस अड्डे के पास, मोहन नगर चौराहे, रेलवे स्टेशन रोड साहिबाबाद, हापुर रोड कवि नगर, मिर्जापुर विजयनगर और पुराना रेलवे स्टेशन गाजियाबाद में अस्थाई रैन बसेरे बनाए गए हैं. गाजियाबाद के पुराना बस अड्डा स्थित रैन बसेरे में ठहरे नरेंद्र सिंह ने बताया, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला हूं. काम की तलाश में गाजियाबाद आना-जाना होता है. कई बार घर लौटने में देरी हो जाती है तो रैन बसेरे में आकर ठहर जाता हूं. यहां सभी इंतजाम ठीक है. हमें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है. रैन बसेरे में गार्ड भी मौजूद हैं और सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं. ऐसे में सामान आदि के गुम होने की भी चिंता नहीं रहती है.
गाजियाबाद के नगर आयुक्त विक्रम आदित्य मलिक के मुताबिक, ठंड के मौसम को देखते हुए पहले से ही नगर निगम द्वारा इंतजाम पुख्ता कर लिए गए हैं. नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से आश्रय स्थल का मरम्मत का काम पूरा करते हुए रंगाई पुताई कराई गई है. निगम का प्रयास है कि यहां ठहरने वालों को घर जैसी सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. आश्रय स्थलों पर मनोरंजन के लिए एलईडी भी लगाई गई है. आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने की संभावना है. ऐसे में आश्रय स्थलों में हीटर की व्यवस्था भी की गई है. हर दिन निगम अधिकारी आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं और लोगों से फीडबैक ले रहे हैं, ताकि व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके.
नगर आयुक्त ने बताया, सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रात में प्रतिदिन अपने क्षेत्र का भ्रमण करें और खुले में सोने वाले लोगों को आश्रय स्थलों में पहुंचाएं. शहरी क्षेत्र में नगर निगम की तरफ से स्थाई और अस्थाई आश्रय स्थल संचालित किया जा रहे हैं. हमने शहर वासियों से भी अपील की है कि अगर खुले में कहीं भी कोई व्यक्ति सोता हुआ दिखाई दे तो तुरंत निगम को सूचित करें. हमारा प्रयास है कि निराश्रितों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
