दिल्ली: मतदाताओं को जागरूक करने के लिए हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस रूप में मनाया जाता है. जिसका उद्देश्य भारत में चुनावों में नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाना और लोकतंत्र को मजबूत करना है. भारत निर्वाचन आयोग ने 2011 में इसे शुरू किया था. यह दिवस नए मतदाताओं को मतदान के अधिकार और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए महत्वपूर्ण होता है. दिल्ली में विधानसभा चुनाव के अवसर पर दिल्ली में मतदाता जागरूकता के लिए कई प्रेरणादायक और रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए. चुनाव आयोग ने नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक और प्रेरित करने के लिए विभिन्न आयोजनों की श्रृंखला चलाई है. आइए जानते हैं उनके बारे में.
13 से 19 जनवरी तक पश्चिम दिल्ली के पैसिफिक मॉल में वोटर्स कार्निवल का आयोजन हुआ था. सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन (SVEEP) कार्यक्रम के तहत आयोजित इस आयोजन में आर्ट गैलरी, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, नृत्य प्रस्तुतियां और ‘अपने मतदान केंद्र को जानें’ जैसे अनूठे काउंटर लगाए गए. यह कार्निवल न केवल मनोरंजक था, बल्कि नागरिकों को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करने में भी सफल रहा.
19 जनवरी को महाराजा अग्रसेन कॉलेज पूर्वी दिल्ली के छात्रों ने वॉकथॉन का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया. जिलाधिकारी अमोल श्रीवास्तव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. विशेष रूप से युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए यह आयोजन बेहद सफल रहा.
संगीत के सुरों में लोकतंत्र का संदेश दिया. 18 जनवरी को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित आगाज-ए-वोटिंग कार्यक्रम में निज़ामी ब्रदर्स ने अपनी कव्वाली से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया. मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एलिस वाज़ ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि आपका वोट आपकी आवाज है. इसे लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाएं.
दिल्ली में आयोजित इन कार्यक्रमों ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया. चुनाव आयोग के SVEEP कार्यक्रम के अंतर्गत यह अभियान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सफल प्रयास रहा.
