दिल्ली: सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो-टॉलरेन्स’ नीति को और कड़ा करते हुए राजस्व विभाग के दो बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद कपासहेड़ा के सब-रजिस्ट्रार और महरौली के तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने राजस्व विभाग में बड़ी कार्रवाई की है. लगातार मिल रही भ्रष्टाचार की शिकायतों और गंभीर आरोपों के मद्देनजर, सरकार ने कपासहेड़ा के सब-रजिस्ट्रार और महरौली के तहसीलदार को पद से सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही, कपासहेड़ा में कार्यरत एक डीड राइटर (दस्तावेज लेखक) का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है.
कापसहेड़ा के सब-रजिस्ट्रार और महरौली के तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कदम लगातार मिल रही शिकायतों और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के आधार पर उठाया गया है।
साथ ही, कापसहेड़ा में पदस्थ एक डीड राइटर का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) December 29, 2025
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई जनता की उन शिकायतों के आधार पर की गई है, जिसमें इन अधिकारियों द्वारा काम के बदले अवैध लाभ उठाने के आरोप थे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि जनता के साथ सीधा संवाद रखने वाले अधिकारियों से ईमानदारी और संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है. भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं है.
दिल्ली सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. डीड राइटर का लाइसेंस रद्द करना इस बात का संकेत है कि सरकार केवल अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे तंत्र पर प्रहार कर रही है जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है.
राजस्व विभाग में रजिस्ट्री और ज़मीन से जुड़े कार्यों के लिए जनता को अक्सर दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों का सामना करना पड़ता है. इस निलंबन से न केवल संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी यह एक कड़ा संदेश है.
