दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। गुरु पूर्णिमा का पर्व आध्यात्मिक और शैक्षिक गुरुओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है. भारतीय परंपरा में गहराई से जुड़ा यह दिन गुरुओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करता है, जो लोगों को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं.
पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं.
सभी देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं।
Best wishes to everyone on the special occasion of Guru Purnima.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 10, 2025
प्रधानमंत्री के अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस शुभ दिन पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य के रिश्ते के महत्व को बताया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सभी गुरुजनों को नमन करता हूं। भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य का संबंध शिक्षा-दीक्षा के साथ ही आजीवन मार्गदर्शन का माध्यम भी होता है। हमारे इतिहास में गुरुओं ने सदैव शिष्यों में नैतिक मूल्य, ज्ञान, आचरण, संस्कृति तथा मातृभूमि के प्रति निष्ठा का भाव जगाने का कार्य किया है। इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले सभी गुरुओं को शुभकामनाएं देता हूं.
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सभी गुरुजनों को नमन करता हूँ।
भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य का संबंध शिक्षा-दीक्षा के साथ ही आजीवन मार्गदर्शन का माध्यम भी होता है। हमारे इतिहास में गुरुओं ने सदैव शिष्यों में नैतिक मूल्य, ज्ञान, आचरण, संस्कृति तथा मातृभूमि के प्रति निष्ठा का भाव… pic.twitter.com/HgAfsyOu0l
— Amit Shah (@AmitShah) July 10, 2025
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शुभकामनाएं दीं और इस दिन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला.
उन्होंने एक्स पर लिखा, गुरु की कृपा से ही शिष्य अज्ञान से आत्मबोध और अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होता है. शिष्य के व्यक्तित्व को संस्कार, सेवा और सत्य की भावना से गढ़ते हुए उसे जीवन के उच्चतम आदर्शों से जोड़ने वाले महान गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सादर नमन.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूज्य गुरुओं, महंत अवैद्यनाथ और महंत दिग्विजयनाथ की समाधियों पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
गुरु की कृपा से ही शिष्य अज्ञान से आत्मबोध, अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होता है।
शिष्य के व्यक्तित्व को संस्कार, सेवा और सत्य की भावना से गढ़ते हुए उसे जीवन के उच्चतम आदर्शों से जोड़ने वाले महान गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सादर नमन! pic.twitter.com/Ttg9O8nym1
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 10, 2025
हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों द्वारा मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है, जो महाभारत के रचयिता ऋषि वेद व्यास की जयंती के उपलक्ष्य में मनाई जाती है.
देश भर में इस दिन को आध्यात्मिक गतिविधियों, जैसे गुरु पूजा, प्रार्थनाओं और शिक्षाओं के साथ मनाया जा रहा है। भक्त मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं और अपने आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं के मार्गदर्शन और ज्ञान के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं
