दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली में जैन नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने नवकार महामंत्र का जाप किया. साथ ही शांति, भाईचारे के लिए लोगों से भी इस जाप को करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि ‘नवकार महामंत्र’ विकसित भारत के विजन से संबंधित है.
#WATCH | Delhi: At the 'Navkar Mahamantra Divas' program, Prime Minister Narendra Modi says, "…The influence of Jainism is clearly visible in the new Parliament building, too. As soon as you enter the new Parliament building through the Shardula Dwar, you can see the 'Sammed… pic.twitter.com/IpGtkDs8IS
— ANI (@ANI) April 9, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नागरिकों से हार्दिक अपील करते हुए उनसे सुबह 8:27 बजे पवित्र जैन नवकार महामंत्र का जाप करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया. एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लोगों को सामूहिक रूप से प्राचीन प्रार्थना का पाठ करने के लिए आमंत्रित किया जो ‘न्नमो अरिहंतान्न, न्नमो सिद्धान्न, न्नमो आयरियान्न, न्नमो उवज्जयान्न, न्नमो लोए स्व्वसाहुन्न, से शुरू होती है.
पीएम मोदी ने कहा, ‘आइए हम सब मिलकर सुबह नवकार महामंत्र का जाप करें. हर आवाज शांति, शक्ति और सद्भाव लेकर आए. हम सब भाईचारे और एकजुटता की भावना को बढ़ाने के लिए एक साथ आएं. उन्होंने नागरिकों को शांति, आंतरिक शक्ति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए एक साथ मंत्र का जाप करने के लिए प्रोत्साहित किया.
जैन धर्म में इसे एक सार्वभौमिक मंत्र माना जाता है जो सांप्रदायिक सीमाओं को पार करता है और आंतरिक जागृति और सार्वभौमिक कल्याण को बढ़ावा देता है. जैन परम्पराओं में प्रातः 8:27 बजे का समय आध्यात्मिक महत्व रखता है, जिसे प्रायः शुभ ग्रहों की स्थिति या ध्यानात्मक शांति से जोड़ा जाता है. प्रधानमंत्री का आह्वान सांस्कृतिक एकता, सांप्रदायिक सद्भावना और भारत की विविध आध्यात्मिक परंपराओं के व्यापक विषयों से मेल खाता है.
वर्षों से उन्होंने अक्सर नागरिकों को ऐसी प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है जो आंतरिक शांति और राष्ट्रीय सद्भाव को बढ़ावा देती हैं, विशेष रूप से महत्वपूर्ण त्योहारों या अनुष्ठानों के दौरान.
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नए संसद भवन में भी जैन धर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. शार्दूल द्वार से नए संसद भवन में प्रवेश करते ही गैलरी में ‘सम्मेद शिखर’ दिखाई देता है. लोकसभा के प्रवेश द्वार पर तीर्थंकर की मूर्ति है. यह मूर्ति ऑस्ट्रेलिया से लायी गई है. संविधान भवन की छत पर भगवान महावीर की अद्भुत पेंटिंग है. दीवार पर सभी चौबीस तीर्थंकरों की तस्वीरें हैं.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि नवकार मंत्र कहता है कि खुद पर विश्वास करो. दुश्मन बाहर नहीं है, वह हमारे अंदर है. नकारात्मक सोच, बेईमानी, स्वार्थ, ये दुश्मन हैं और इन पर जीत हासिल करना ही असली जीत है. जैन धर्म हमें खुद पर जीत हासिल करने की प्रेरणा देता है. मेरा जन्म गुजरात में हुआ जहां जैन धर्म का प्रभाव हर गली-मोहल्ले में दिखता है.
बचपन से ही मैं जैन आचार्यों के सानिध्य में रहा हूं. जब हम नवकार महामंत्र का जाप करते हैं तो पंच परमेष्ठी को नमन करते हैं. उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र सिर्फ एक मंत्र नहीं है. यह हमारी आस्था का केंद्र है. इसका महत्व सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं है. यह स्वयं से लेकर समाज तक सभी को राह दिखाता है.
