दिल्ली: सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐतिहासिक जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से हटा दिया है. अब यहां धरना- प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा. इसकी जगह तीन नए स्थानों को नामित किया गया है. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को विरोध और प्रदर्शन के लिए नामित किया गया है.
गृह मंत्रालय के एक आधिकारिक आदेश के अनुसार ऐसे प्रदर्शनों के लिए तीन नए स्थानों को नामित किया है. दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को स्थायी आदेश जारी किया. इसमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को विरोध और प्रदर्शन के लिए नामित किया गया. जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र होने के आह्वान के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कदम उठाया गया है.
STORY | Jantar Mantar denotified as protest site, police names three new venues
The Delhi Police has denotified Jantar Mantar as a designated site for protests and named three new spots for holding such demonstrations, according to an official order.
Delhi Police Commissioner… pic.twitter.com/psmgd79cZ7
— Press Trust of India (@PTI_News) October 12, 2026
गृह मंत्रालय ने नागरिकों के लिए मौजूदा तय स्थान की जगह विरोध प्रदर्शन और डेमोंस्ट्रेशन ऑर्गनाइज करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए दूसरी जगहों की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई थी. नोटिस में कहा गया है कि कमेटी की सिफारिशों के आधार पर, जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया गया है.
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने कहा कि तीन तय जगहों पर विरोध प्रदर्शन और डेमोंस्ट्रेशन ऑर्गनाइज़ करने के लिए एक डिटेल्ड और रिवाइज्ड स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) अलग से जारी किया जाएगा. नोटिस 28 अप्रैल, 2022 के पहले के स्टैंडिंग ऑर्डर में थोड़ा बदलाव करता है.
रिवाइज्ड एसओपी से उम्मीद है कि नई तय जगहों पर विरोध प्रदर्शन और डेमोंस्ट्रेशन ऑर्गनाइज करने के प्रोसीजर तय किए जाएंगे. यह डेवलपमेंट तब हुआ है जब विपक्षी I.N.D.I.A. ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने सेंट्रल दिल्ली के कनॉट प्लेस से एक बड़ा प्रोटेस्ट मार्च शुरू किया.
इसमें कथित चुनावी हेरफेर और डेमोक्रेटिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने को लेकर इलेक्शन कमीशन के खिलाफ अपना आंदोलन तेज कर दिया. मार्च के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए, कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी (ऑर्गनाइजेशन) केसी वेणुगोपाल ने विपक्ष के चल रहे आंदोलन को पोल पैनल के खिलाफ ‘सबसे बड़ा आंदोलन’ बताया और ऐलान किया कि पार्टी अपनी कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ले जा रही है.
वेणुगोपाल ने कहा, ‘यह इलेक्शन कमिश्नर और इलेक्शन सिस्टम के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन है. नरेंद्र मोदी और अमित शाह चीफ इलेक्शन कमिश्नर को इस देश की डेमोक्रेसी को खत्म करने, देश की डेमोक्रेसी को हाईजैक करने के लिए अपने टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.’
