दिल्‍ली-एनसीआर छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती आज, पीएम मोदी समेत इन नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि
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छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती आज, पीएम मोदी समेत इन नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी 395वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. उनके अलावा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी श्रद्धांजलि दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “मैं छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. उनकी वीरता और दूरदर्शी नेतृत्व ने स्वराज्य की नींव रखी और पीढ़ियों को साहस और न्याय के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया. वह हमें एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्हें हमेशा राष्ट्र निर्माता के रूप में याद किया जाएगा.

अमित शाह ने एक्स पर लिखा, “हिंदवी स्वराज्य का उद्घोष करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज जी का जीवन नैतिकता, कर्तव्य और धर्मपरायणता का संगम था. कट्टरपंथी आक्रांताओं के खिलाफ जीवन भर संघर्ष कर सनातन स्वाभिमान की ध्वजा के रक्षक छत्रपति शिवाजी महाराज को राष्ट्र निर्माता के रूप में सदैव याद किया जाएगा.

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका अद्वितीय साहस, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और लोगों के कल्याण के प्रति अटूट समर्पण हमें प्रेरित करता है.

राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “मैं छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें नमन करता हूं. उनका अद्वितीय साहस, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और लोगों के कल्याण के प्रति अटूट समर्पण हमें प्रेरित करता रहेगा. निस्वार्थ सेवा, निष्ठा और लचीलेपन की शिवाजी महाराज की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्धि और शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को पुणे के शिवनेरी किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर शिवनेरी किले में ‘पालना समारोह’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया.

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य मराठा साम्राज्य की पुनर्स्थापना में महान योद्धा के योगदान का सम्मान करना और उनकी व्यापक विरासत को मान्यता देना है.

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