दिल्ली: मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की मीडिया रिपोर्ट आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसी कड़ी गुरुवार को राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके इस्तीफे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.
दरअसल, दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली करने का आरोप लगाया है. इसके साथ ही, CJP ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो पार्टी दिल्ली से एक बड़े देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करेगी.
#WATCH | Delhi: Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, "A report concerning the Election Commission that surfaced yesterday proves that Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar is the country's biggest traitor. He is the biggest anti-national in this country,… pic.twitter.com/HfKBMeVpgu
— ANI (@ANI) September 24, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि हाल ही में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स ने यह साबित कर दिया है कि निष्पक्ष चुनाव एक बड़ा धोखा बन चुका है. सीजेपी ने दावा किया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में योजनाबद्ध तरीके से करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं.
अभिजीत दीपके ने तीखे शब्दों में कहा कि जब से ज्ञानेश कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त पद संभाला है, देश में जनता द्वारा सरकार चुनने की परंपरा प्रभावित हुई है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मामूली वोटों के अंतर वाले चुनावी राज्यों में इस प्रकार बड़े पैमाने पर नाम काटना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे क्षेत्रीय दलों और विपक्ष के मजबूत चेहरों को कमजोर किया जा सके.
