उत्तराखंड उत्तराखंड में मई महीना होगा खास, केदारनाथ-बदरीनाथ के साथ कर सकेंगे आदि कैलाश के दर्शन
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उत्तराखंड में मई महीना होगा खास, केदारनाथ-बदरीनाथ के साथ कर सकेंगे आदि कैलाश के दर्शन

उत्तराखंड: मई का महीना आध्यात्मिक दृष्टिकोण से काफी अहम रहने वाला है. क्योंकि, मई महीने में चारधाम में शुमार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के साथ ही सिखों के प्रमुख तीर्थ स्थल हेमकुंड साबिह के भी कपाट खुलेंगे. इसके अलावा आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा भी इसी महीने शुरू हो रही है. जिससे यह महीना शिव भक्तों के साथ अन्य श्रद्धालुओं के लिए खास होने वाला है. ऐसे में जो श्रद्धालु भारत-चीन सीमा पर स्थित आदि कैलाश के दर्शन करना चाहते हैं, वो अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं. इस यात्रा से जुड़ी कुछ जानकारी से भी आपको रूबरू करवाते हैं.

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आगामी 14 मई को आधिकारिक रूप से आदि कैलाश यात्रा 2025 की शुरुआत होगी. आदि कैलाश जाने के लिए इनर लाइन परमिट की जरूरत पड़ती है. ऐसे में 2 मई से इनर लाइन परमिट बनने शुरू हो जाएंगे. परमिट बनने के बाद ही श्रद्धालु इस यात्रा पर जा सकते हैं. जिसकी तैयारियों में कुमाऊं मंडल विकास निगम जुटा हुआ है. श्रद्धालुओं के खाने-पीने के साथ ही आने-जाने की व्यवस्था की जा रही है.

बता दें कि आदि कैलाश और ओम पर्वत पिथौरागढ़ जिले में भारत-चीन सीमा पर स्थित है. लिहाजा, यह क्षेत्र सामरिक दृष्टिकोण से काफी अहम है. इसलिए यहां पर आईटीबीपी और सेना के जवान हमेशा तैनात रहते हैं. यह क्षेत्र काफी ऊंचाई पर है. ऐसे में यहां स्वास्थ्य संबंधी ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जो भी श्रद्धालु आदि कैलाश यात्रा पर जाना चाहते हैं, उन्हें अपना हेल्थ चेकअप करना जरूरी होगा. साथ ही तमाम कागजातों का भी सत्यापन कराना होगा.

जो भी श्रद्धालु आदि कैलाश यात्रा पर जाएगा, उसका पूरा ब्यौरा जिला प्रशासन के पास रहेगा. इसके अलावा श्रद्धालुओं के रहने खाने की व्यवस्था भी चाक चौबंद किया जा रहा है. इसके लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने लगभग अपना शेड्यूल जारी कर दिया है. जिसके तहत 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन से इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके बाद 14 मई को ही ज्योलीकांग में स्थित भगवान शिव के कपाट विधि विधान से खोले जाएंगे.

गौर हो कि 12 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ जिले के गुंजी पहुंचकर आदि कैलाश और पार्वती कुंड के दर्शन किए थे. उनके दौरे के बाद से ही आदि कैलाश दर्शन के लिए श्रद्धालु की संख्या बढ़ रही है. इसके अलावा बीती 6 सालों से बंद कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी शुरू हो रही है. जिसका रजिस्ट्रेशन विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जा सकता है.

पीएम मोदी जब से इस यात्रा पर आए, तब से श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है. इसके अलावा बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के साथ दूसरी एजेंसियां आदि कैलाश एवं ओम पर्वत तक पहुंचाने वाली सड़कों का निर्माण तेजी से कर रही है. अगर आप भी आदि कैलाश यात्रा पर आना चाहते हैं तो सभी जानकारियां, कागजात, खाने-पीने के समान के साथ स्वास्थ्य संबंधित दवाई भी अपने साथ लेकर आएं. आदि कैलाश और ओम पर्वत पर काफी ठंड मिलेगी. लिहाजा, इसका भी विशेष ध्यान रखना होगा.

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