उत्तराखंड: देहरादून खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने आज रेसकोर्स स्थित गुरु नानक पब्लिक इंटर कॉलेज परिसर खेल मैदान में राज्य स्तरीय पीएमईजीपी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस दौरान उनके साथ देहरादून राजपुर रोड विधानसभा सीट से विधायक श्री खजान दास भी उपस्थित रहे.
इस दौरान केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार की गारंटी ने खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग की है. पिछले 9 वर्षों में ‘नए भारत की नई खादी’ ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नई दिशा दी है. जिसके परिणामस्वरूप इस कालखंड में खादी उत्पादों की बिक्री में चार गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. खादी के उत्पादन और बिक्री बढ़ने से ग्रामीण भारत के कारीगर आर्थिक रूप से समृद्ध हुए हैं.
कहा कि कारीगरों की पारिश्रमिक में भी पिछले 9 वर्षों में 233 फीसदी से अधिक की वृद्धि ने कारीगरों को खादी का काम करने के लिए आकर्षित किया है. उत्तराखंड में खादी की 40 संस्थाएं कार्यरत हैं. इसके माध्यम से यहां पर लगभग 11000 से अधिक खादी कारीगरों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है. इसी तरह से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड में पिछले 3 वर्षों में 5888 नई इकाइयां स्थापित की गई. जिसमें 47,104 नए रोजगारों का सृजन हुआ है. पीएमईजीपी की तरह उत्तराखंड में पिछले 3 वर्षों में 131.52 करोड रुपए की मार्जिन मनी सब्सिडी का वितरण भारत सरकार ने किया है.
मनोज कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल लोकल और मेक इन इंडिया मंत्र ने खादी को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है. पिछले 9 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है. जबकि इस दौरान 9.50 लाख से अधिक नए रोजगार का सृजन हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रयासों से कारीगरों को आधुनिक ट्रेनिंग और टूलकिट प्रदान किया जा रहा है. केवीआईसी ग्रामीण कारीगरों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ प्रधानमंत्री के विकसित भारत अभियान से भी जोड़ रहा है.
ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक 27000 से अधिक कुम्हार भाइयों और बहनों को विद्युत चालित चॉक का वितरण किया है. जिससे एक लाख से अधिक कुम्हारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है. इसी योजना के तहत 6000 से अधिक टूल किट और मशीनरी का वितरण भी किया गया है जबकि हनी मिशन योजना के तहत अब तक 20000 लाभार्थियों को 2 लाख से अधिक हनी बी बॉक्स और बी कॉलोनी का वितरण किया गया है. इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में पिछले तीन वर्षों में 1100 मधुमक्खी बॉक्सो का वितरण किया गया है. विधायक खजानदास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से ही आज खादी की एक नई पहचान बनी है. आज एक बार फिर से युवाओं में भी खादी के लिए रूझान दिखाई देने लगा है.
इस अवसर पर अध्यक्ष मनोज कुमार ने उत्तराखंड के ग्रामीण कारीगरों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे हैं आत्मनिर्भर और विकसित भारत अभियान से जोड़ने के लिए ग्राम उद्योग विकास योजना के अंतर्गत 700 मशीनरी और टूल किट का वितरण भी किया. वितरण कार्यक्रम के दौरान कुम्हार सशक्तिकरण योजना के तहत 80 कुम्हारों को विद्युत चालित चॉक, 50 मधुमक्खी पालकों को 500 मधुमक्खी बक्से, 50 कारीगरों को फुटवियर रिपेयरिंग टूल किट, 20 प्लंबरों और 20 इलेक्ट्रीशियनों को टूलकिट, 20 कारीगरों को फल प्रशोधन मशीनरी और टूलकिट तथा 10 पेपर प्लेट पर दोना-पत्तल मशीनरी और टूलकिट वितरित किया गया.
रेसकोर्स में आयोजित इस राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी में बिहार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर के लगभग 72 स्टॉल लगे हैं. इन सभी स्टॉलों पर खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. यह प्रदर्शनी 19 फरवरी तक आयोजित की जाएगी.
इस मौके पर राज्य निदेशक संजीव राय, सहायक निदेशक प्रथम बी.एस. कंडारी, सहायक निदेशक द्वितीय के.एस. मलिक और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी मध्य क्षेत्र यशपाल सिंह सहित खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि खादी कार्यकर्ता और कारीगर ग्राम उद्योग विकास योजना के लाभार्थियों समेत बैंक प्रतिनिधि केवाईसी आदि मौजूद रहे.
शाम के समय खादी महोत्सव में सम्भव मंच परिवार द्वारा नाटक की प्रस्तुति दी गई. इस नाटक के माध्यम से कलाकारों ने प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना और वोकल फॉर लोकल,स्वच्छता, स्वरोजगार, खादी अपनाओ आदि विषयों पर जानकारी दी। नाटक के लेखक निर्देशक अभिषेक मैंदोला हैं. कलाकार संजय गैरोला, नितिन भट्ट, राहत खान, अनुराग जोशी, हेमा पंत, नीतिका रौतेला, शुभम शर्मा, पंकज पंत, दिव्यांशु, अभिमन्यु मैंदोला, कुसुम पंत, सोनिया और भावना शानदार अभिनय किया.
