उत्तराखंड हेमकुंड साहिब में हुई जबरदस्त बर्फबारी, श्रद्धालु बर्फीले हिम सरोवर में लगा रहे आस्था की डुबकी
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हेमकुंड साहिब में हुई जबरदस्त बर्फबारी, श्रद्धालु बर्फीले हिम सरोवर में लगा रहे आस्था की डुबकी

उत्तराखंड: इस साल मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे है. एक तरफ जहां मैदानी इलाकों में गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है तो वहीं उत्तराखंड के उच्च हिमलायी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है. उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब में इन दिनों बर्फबारी हो रही है.

बर्फबारी के कारण हेमकुंड साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं को थोड़ी दिक्कते तो आ रही है, लेकिन उनका जोश आई है. बर्फबारी के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर दिखाई दे रही है. समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह पवित्र धाम इन दिनों सफेद बर्फ की चादर से ढका हुआ है, लेकिन कठिन मौसम भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पा रहा है.

लोकपाल घाटी की दुर्गम और खड़ी चढ़ाई पार कर श्रद्धालु ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारों के साथ श्री हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं. सप्त श्रृंग पर्वतों के मध्य स्थित पवित्र हिम सरोवर में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर गुरु दरबार में मत्था टेक रहे हैं. हेमकुंड साहिब सिख धर्म के दसवें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की तपस्थली माना जाता है. सिख धर्मग्रंथों के अनुसार गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने पूर्व जन्म में इसी स्थान पर कठोर तपस्या की थी.

बिचित्र नाटक में भी इस स्थान का उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि सदियों पूर्व गुरु महाराज ने यहां ध्यान और साधना कर आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त की थी. इसी कारण यह स्थल सिख श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है.

वहीं, मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है, जबकि हेमकुंड साहिब में लगातार हो रही बर्फबारी श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभव करा रही है. बर्फ से ढकी वादियों और हिमपात के बीच यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि गुरु महाराज के दर्शन के बाद सारी थकान पलभर में दूर हो जाती है.

हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि गुरु महाराज की कृपा से यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है. ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने कहा कि आगामी एक जून से यात्रियों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है. प्रशासन, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति भी यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए.

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