उत्तराखंड: भारतीय जनता पार्टी के द्वारा लोकसभा चुनाव में पांचों सीटों पर एक बड़ा लक्ष्य वोट बैंक हासिल करने को लेकर रखा गया है. ये लक्ष्य सीएम धामी के लिए भी एक बड़ी चुनौती है. क्योंकि उत्तराखंड में वोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर भी पड़ने हैं.
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा इस बार 75% मतों को हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है. जो कि एक बड़ी चुनौती भी भाजपा के लिए रहने वाली है. खासकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि 75% मतों को हासिल करने के लक्ष्य के साथ हर लोकसभा सीट पर पांच लाख से अधिक मतों के अंतर से जीतने का लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी के द्वारा रखा गया है.
उत्तराखंड के मुखिया की कमान संभाल रहे पुष्कर सिंह धामी पर दोनों लक्ष्यों को हासिल करने की बड़ी चुनौती है. एक तरफ पांचो सीटों पर पांच-पांच लाख के अंतर से जीतना. तो वहीं दूसरी तरफ 75% मत अकेले भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में पड़ना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है.
2014 के लोकसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जहां पांच की पांच सीट जीतने का लक्ष्य रखा था. पार्टी के द्वारा ये लक्ष्य हासिल भी किया गया. लेकिन इस बार पार्टी ने लक्ष्य केवल जीतने तक ही सीमित नही रखा है बल्कि एकतरफा जीत का रखा है.
खास बात ये है 2019 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के बाद भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा मत प्रतिशत उत्तराखंड से ही हासिल हुआ था. इसलिए उसे लक्ष्य को और आगे बढ़ाने की भी चुनौती सीएम धामी के ऊपर है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी का कहना है कि भाजपा ने जो लक्ष्य तय किया है उसे पार्टी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में हासिल करलेगी.
भाजपा विधायक खजान दास का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी हर चुनाव को एक चुनौती के रूप में लेती है. जहां तक लोकसभा चुनाव की बात है तो लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किए गए ऐतिहासिक कामों और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऐतिहासिक कामों के दम पर भारतीय जनता पार्टी तय लक्ष्य को हासिल कर लेगी.
