उत्तराखंड: सरकार ने चारधाम में रील्स और ब्लॉगिंग पर रोक लगा दी है. केदारनाथ धाम मंदिर परिसर में रील्स बनाने पर बैन लगने की खबर का लोगों ने स्वागत किया है. सरकार का साफ कहना है कि इस नियम को तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई की जाएगी.
इस साल की चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ मंदिर परिसर में रील्स, वीडियो और ब्लॉगिंग पर बैन रहेगा. सरकार और चारधाम महा पंचायत की बैठक में ये निर्णय लिया गया है कि चारों धामों में रील्स बनाने पर इस यात्रा काल में बैन रहेगा. इस संबंध में चारधाम महा पंचायत ने प्रदेश के पर्यटन सचिव से भी मुलाकात की है. उनसे रील्स के अलावा अन्य प्रकार के वीडियो बनाने पर रोक लगाने की मांग की है.
उत्तराखंड के चारों धामों में से सबसे अधिक रील्स और वीडियो केदारनाथ धाम के बनते हैं. यहां कई प्रकार के यू टयूबर पहुंच जाते हैं, जो धाम से अनेक प्रकार के वीडियो और रील्स वायरल कर देते हैं. इन रील्स और वीडियो का असर यात्रा पर भी पड़ता है. कई बार आस्था लेकर धाम पहुंचने वाले भक्त भी इन रील्स व वीडियो बनाने वालों से परेशान हो जाते हैं. इस बार यात्रा की शुरुआत से ही रील्स पर बैन रहेगा.
केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज ने रील्स बनाने वालों का कड़ा विरोध किया है. इसे देखते हुए सरकार ने भी रील्स और ब्लॉगिंग पर बैन लगा दिया है. तीर्थ पुरोहित समाज ने सरकार के अलावा बदरी-केदार मंदिर समिति से भी इस पर समर्थन मांगा है. यदि कोई नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जायेगी.
केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि- चारों धामों पर रील्स व अन्य वीडियो बनाने वालों पर बैन लगने का हम स्वागत करते हैं. इस संबंध में चारधाम महा पंचायत की बैठक भी हो गई है. महा पंचायत की बैठक में निर्णय लिया गया है कि मंदिर परिसर में रील्य या अन्य वीडियो पर बैन सही है. इसके साथ ही राजकुमार तिवारी ने कहा कि मंदिर में वीआईपी दर्शन और ढोल नगाड़ों के प्रदर्शन पर भी रोक लगनी चाहिये.
