उत्तर प्रदेश: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अब निर्णायक छलांग लगाने की तैयारी में है. बजट 2026-27 के माध्यम से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है. इन पहलों से प्रदेश न केवल डिजिटल और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर होगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में भी मजबूत कदम रखेगा.
बजट में उत्तर प्रदेश सरकार के और इंडिया एआई डेटा लैब के साथ तालमेल बैठाते हुए उत्तर प्रदेश एआई मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान विकसित करना है.
एक बड़ी घोषणा हम आज करने जा रहे हैं…
Digital Entrepreneur योजना… pic.twitter.com/7qSWWgqplN
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 20, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई मिशन प्रदेश के युवाओं के लिए गेम चेंजर साबित होगा. प्रदेश के 56 से 60 प्रतिशत कामकाजी युवा वर्ग को ध्यान में रखते हुए सरकार 25 लाख युवाओं को निःशुल्क एआई टूल्स उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है. स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी एआई आधारित शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.
प्रदेश को सुरक्षित डेटा भंडारण और क्लाउड सेवाओं का बड़ा केंद्र बनाने के लिए और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर क्लस्टर को सुदृढ़ किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य 2030 तक अत्याधुनिक डेटा सेंटर इकोसिस्टम तैयार करना है. डेटा अथॉरिटी के गठन और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. इससे डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी, रोजगार सृजन होगा और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा.
लखनऊ और में यू-हब की स्थापना की जाएगी. इन हब के माध्यम से स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधन, मेंटरशिप और निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. टेक युवा समर्थ युवा योजना के तहत तकनीकी दक्ष युवाओं को प्रोत्साहित कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे.
सरकार ने रोबोटिक मिशन के लिए भी 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कार्यों को पहले मानव श्रम के कारण कठिन और जोखिमपूर्ण माना जाता था, अब उन्हें रोबोटिक्स के माध्यम से सुरक्षित और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ट्रकों पर भारी बोझ लादने या जहरीले कीटनाशकों के छिड़काव जैसे कार्य अब रोबोट और ड्रोन के माध्यम से किए जा सकते हैं. प्रदेश में ड्रोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए के साथ एमओयू किया गया है, जो तेजी से आगे बढ़ रहा है.
नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन के तहत रोबोटिक्स, ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों में अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा. प्रदेश में नए पॉलिटेक्निक संस्थानों का निर्माण और मौजूदा संस्थानों का उच्चीकरण कर तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ किया जाएगा.
