दिल्ली: सरकार के एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को सचिवालय में अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी किया. सीएम ने एक साल पूरा होने पर ‘पहला कदम बदलाव का एक साल विकास का’ नारा दिया. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 24×7 फॉर 2047 विकसित दिल्ली के विजन की भी झलक भी रिपोर्ट कार्ड में प्रस्तुत की. इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ दिल्ली सरकार के सभी छह कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ पंकज कुमार सिंह और रविन्द्र सिंह इन्द्राज भी मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक साल पहले के दिन को याद करते हुए कहा, आज सरकार को एक साल पूरा हुआ है. 20 फरवरी, 2025 को इसी समय हम सचिवालय पहुंचे थे और हमने अपना पदभार संभाला था. यहीं पर हमने पहले दिन ही पहली कैबिनेट बैठक की थी. ये सरकार वादों की नहीं, बल्कि परिणामों की सरकार है. इसे बहाने से समाधान की ओर ले जाने की कोशिश की है. आज की जो सरकार है वो पोस्टर की राजनीति नहीं करती, बल्कि काम की राजनीति करती है. दिल्ली में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए हर सेक्टर में काम किया गया. हम समस्या नहीं समाधान की बात करते हैं. राष्ट्रवादी विचारधारा और हमारा मंत्र ‘सबका साथ सबका विकास’ पर काम करते हैं.
हमारी सरकार का एक सफल वर्ष पूर्ण होने पर आप सभी का हार्दिक आभार। आज अपनी कैबिनेट के साथियों के साथ मैंने दिल्ली की जनता के सामने बीते एक साल की सेवा और विकास का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। यह रिपोर्ट कार्ड हमारे एक वर्ष के परिश्रम और परिवर्तन का साक्ष्य है। हमारी सरकार वादों… pic.twitter.com/GeUIwXnk8A
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 20, 2026
उन्होंने कहा, हमने पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान योजना को लागू किया, जिसमें करीब 7 लाख लोग ने रजिस्टर किया. वहीं करीब 30 हजार लोगों ने इसका लाभ भी लिया. मुझे खुशी है कि दिल्ली में 70 अटल कैंटीन चल रही है, यानी कि 70 हजार लोग रोज मात्र 5 रुपये में भरपेट खाना खा रहे है. एक लाख करोड़ के बजट में 700 करोड़ हमने झुग्गीवासियों के कल्याण के लिए दिया, ताकि झुग्गी में रहने वाले लोग सम्मान से जी सकें और उनका विकास हो सके. इतना ही नहीं, 13 हजार फ्लैट्स के रिनोवेशन का काम चल रहा है, ताकि झुग्गीवासियों का का उत्थान हो.
सीएम ने कहा, वहीं दिल्ली में मजदूर के लिए मिनिमम वेजेस 22 हजार रुपये हैं, जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं. इसके अतिरिक्त 500 पालना केंद्र खोले गए, श्रमिक बहने अपने बच्चे को छोड़कर अपना काम कर सकती है. दिल्ली में पानी और सीवर की समस्या पर काम करते हुए 180 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाई गई है. पहले लोगों को बड़े-बड़े वॉटर बिल्स को लेकर भटकना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या भी दूर कर दी गई है. वहीं इस साल के अंत तक 1100 अरोग्य मंदिर खोले जाने का लक्ष्य है. साथ ही जीबी पंत अस्पताल में न्यूरो कैथ लैब, डायलेसिस की 150 नई मशीनें, 6 मोबाइल डेंटल वैन, ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट आदि की शुरुआत की गई. साथ ही दिल्ली में 4 हजार 4 हजार डॉक्टर-नर्सिंग की भर्ती निकाली और 1300 को हमने रिक्रूटमेंट लेटर दिया.
पिछली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च नहीं किया उससे ज्यादा उसकी पब्लिसिटी में खर्च कर दिया. हमारी सरकार आरोपों की नहीं, बल्कि उत्तरदायित्वों की राजनीति कर रही है. हमने एक साल में दिल्ली की दिशा बदली और अगले 5 साल में दशा बदलेंगे. दिल्ली में हम 6 बायोगैस शुरू करना चाहते है. प्रदूषण पर पिछली सरकार ने केवल नारे लगाए. दिल्ली में 4 हजार इलेक्ट्रिक बसें हैं, जो कि देश में सबसे अधिक हैं. साथ ही 9 हजार चार्जिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं.
