उत्तर प्रदेश: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शनिवार को मथुरा के गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना की. राष्ट्रपति ने गिरिराज जी महाराज की आरती में भाग लिया और गोवर्धन परिक्रमा भी की. उन्होंने मंदिर में गिरिराज जी का विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया. इसके बाद उन्होंने दानघाटी से गोवर्धन की प्रसिद्ध सप्तकोशीय परिक्रमा शुरू की. इस दौरान पूरी कृष्ण नगरी राधे- राधे के नाम से गूंज उठी.
President Droupadi Murmu had darshan and performed aarti at the Danghati Temple in Mathura and undertook the sacred Govardhan Parikrama. During her Parikrama, she planted a sapling on the occasion of International Day of Forests. The President also offered prayers at the sacred… pic.twitter.com/4zCUTFpsUZ
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 21, 2026
दानघाटी मंदिर के रिसीवर दीप चंद्र कौशिक ने बताया कि “गिरिराज धारण की जय” सहित अन्य मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रपति ने 11 किलो दूध, दही, शहद, घी और बूरा से महाभिषेक किया. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति को गिरिराज जी महाराज की चांदी की प्रतिमा, एक पटका और प्रसाद भेंट किया गया. आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार, द्वापर युग की ब्रजभूमि से जुड़ी तीन प्रमुख धरोहरें गिरिराज जी, ब्रजभूमि और यमुना महारानी आज भी विशेष धार्मिक महत्व रखती हैं.
राष्ट्रपति ने गोवर्धन पहुंचकर अभिषेक और परिक्रमा कर दानघाटी मंदिर के सेवायत जी.के. पुरोहित से आशीर्वाद प्राप्त किया. श्रद्धा का चरम उस समय देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने नंगे पांव परिक्रमा मार्ग पर कदम रखे। वह करीब 200 मीटर पैदल चली. राष्ट्रपति मुर्मू का उत्तर प्रदेश दौरा बृहस्पतिवार, 19 मार्च को अयोध्या से शुरू हुआ था. उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर दर्शन-पूजन किया और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा-वृंदावन पहुंचीं. अपने दौरे के दौरान वह लगातार विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो रही हैं.
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे के तहत गुरुवार शाम को मथुरा पहुंची थीं. इस दौरान वृंदावन के इस्कॉन टेंपल प्रेम मंदिर वृंदावन के आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन एकांत वार्ता की. वृंदावन की साध्वी ऋतंभरा के आश्रम वात्सल्य ग्राम भी गईं. राष्ट्रपति के आगमन और गोवर्धन परिक्रमा को लेकर प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम कर रखे थे. परिक्रमा मार्ग पर पुलिस और पीएसी का कड़ा पहला था. इसके अलावा लोकल इंटेलिजेंस आदि विभागों के अधिकारी भी अलर्ट रहे.
