उत्तर प्रदेश कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, सीएम योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण, 4 लाख मुआवजे का ऐलान
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कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, सीएम योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण, 4 लाख मुआवजे का ऐलान

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जिले में उफान मार रही नारायणी नदी ने भयानक तबाही मचाई है. तमकुहीराज तहसील के जवहीं दयाल एहतमाली के पास अचानक एपी तटबंध टूट गया. तटबंध में करीब 70 मीटर का कटाव होते ही तेज रफ्तार पानी आसपास के इलाकों में फैल गया. इसके कारण करीब 35 गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं और ग्रामीणों को मजबूरन बंधों व ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है.

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रात में ही राहत और बचाव कार्य तेज करने के आदेश जारी किए. मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री खुद कुशीनगर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया.

सीएम योगी ने बताया कि नेपाल से छोड़े गए करीब 5 लाख क्यूसेक पानी के भारी दबाव के कारण यह तटबंध टूटा. उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर सरकार की ओर से हरसंभव मदद पहुंचाने का ठोस आश्वासन दिया.

प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

इसके अलावा क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया घर और फसलों के नुकसान का मुआवजा भी मिलेगा. प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए अगले छह दिनों तक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंग.

सीएम ने सीएचसी और पीएचसी पर एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज के टीकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए. साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, बाधित सड़कों की मरम्मत और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को जल्द बहाल करने को कहा.

सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नारायणी नदी के जलस्तर और तटबंधों की मजबूती पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. फिलहाल पूरा प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और राहत सामग्री बांटने में जुटा है.

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