गाजियाबाद: भूकंप के तेज झटके, क्षतिग्रस्त इमारत और उसके बाद लगी आग… इमारत में फंसे लोगों को बचाने के लिए राहत-बचाव टीमों का ऑपरेशन. यह नजारा शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को गाजियाबाद में आयोजित राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल के दौरान देखने को मिला. आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों, आपसी समन्वय और त्वरित राहत एवं बचाव क्षमता को परखने के लिए जिले में तीन स्थानों पर मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई.
गाजियाबाद में इंदिरापुरम स्थित ATS एडवांटेज हाई राइज सोसाइटी, मोदीनगर स्थित डॉ. केएन मोदी साइंस एंड कॉमर्स इंटर कॉलेज और लोनी स्थित बीपीसीएल प्लांट को मॉक ड्रिल के लिए चुना गया था. तीनों स्थानों पर अलग-अलग आपातकालीन परिस्थितियों को तैयार कर राहत और बचाव अभियान का अभ्यास किया गया.
मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप के झटकों से इमारत के क्षतिग्रस्त होने, इसके बाद आग लगने और लोगों के अंदर फंसने की स्थिति तैयार की गई. सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, सिविल पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, नगर निगम, विकास प्राधिकरण समेत अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार राहत-बचाव अभियान शुरू किया.
इंदिरापुरम की हाईराइज सोसाइटी में मॉक ड्रिल के दौरान ऊंचाई पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया. अग्निशमन विभाग की टीम ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से इमारत के ऊपरी हिस्से तक पहुंच बनाई और वहां फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा. इस दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि बहुमंजिला इमारत में आग या किसी अन्य आपदा की स्थिति में सीमित समय में लोगों को किस तरह सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है.
एनडीआरएफ की टीम ने भी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा लिया. क्षतिग्रस्त ढांचे और संभावित मलबे में फंसे लोगों की तलाश करने, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने और अन्य राहत एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया.
इंदिरापुरम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से फील्ड अस्पताल भी स्थापित किया गया. मॉक ड्रिल के दौरान घायल लोगों को उनकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार देने, गंभीर घायलों को चिन्हित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल रेफर करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया. इससे आपदा के दौरान मौके पर ही चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की तैयारियों को भी परखा गया.
मॉक ड्रिल के दौरान विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान, संसाधनों की उपलब्धता और टीमों के मौके पर पहुंचने में लगने वाले समय का भी आकलन किया गया. इसका उद्देश्य यह देखना था कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में विभिन्न एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चला सकती हैं.
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) आपदा और अग्नि सुरक्षा को लेकर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई. गाजियाबाद में इंदिरापुरम की ATS एडवांटेज हाईराइज सोसाइटी, मोदीनगर के डॉ. केएन मोदी साइंस एंड कॉमर्स इंटर कॉलेज और लोनी स्थित बीपीसीएल प्लांट में अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर मॉक ड्रिल कराई गई.
