उत्तर प्रदेश गाजियाबाद में नया नियम, 1 अक्टूबर से बिना वैध PUCC के नहीं मिलेगा पेट्रोल, डीजल और CNG
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गाजियाबाद में नया नियम, 1 अक्टूबर से बिना वैध PUCC के नहीं मिलेगा पेट्रोल, डीजल और CNG

गाजियाबाद: प्रदूषण पर समय रहते नियंत्रण के लिए अब वाहनों के प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र यानी पीयूसी को लेकर सख्ती शुरू होने जा रही है. जिले में करीब 26,000 ऐसे वाहन है जो रजिस्टर्ड हैं. लेकिन इनका वैध पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं है. इन वाहन मालिकों को अब प्रदूषण जांच करानी होगी, क्योंकि 1 अक्टूबर से जिले में बिना वैध PUC वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की आपूर्ति नहीं की जाएगी.

इसके लिए पेट्रोल पंपों पर व्यवस्था लागू करने के लिए फिलहाल पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद में निजी और व्यावसायिक श्रेणी में कुल 10 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं. आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से करीब 26,000 वाहनों के पास वैध PUC नहीं है. जिसमें से करीब 6 हज़ार चार पहिया और बीस हज़ार दो पहिया वाहन हैं.

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी के मुताबिक, 1 अक्टूबर से जिले के सभी 129 पेट्रोल पंप पर ईंधन लेने पहुंचने वाले वाहनों के PIC की जांच की जाएगी. यदि वाहन से संबंधित वैध पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होगा तो उसे ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहन मालिकों को समय रहते प्रदूषण जांच करने के लिए प्रेरित करना और बिना PUC के सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों पर रोक लगाना है.

पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर नई व्यवस्था के बारे में कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है और ऐप डाउनलोड करवाकर ट्रायल भी कराया गया. दरअसल, इसी ऐप्लिकेशन के माध्यम से पेट्रोल पंप कर्मचारी वाहनों का नंबर डालकर चेक कर सकेंगे कि वाहन के पास वैध PUC मौजूद है या नहीं. पंप कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 1 अक्टूबर के बाद बिना वैध PUC वाहनों को पेट्रोल, डीजल, सीएनजी उपलब्ध नहीं कराई जाए.

विभाग का मानना है कि इससे वाहन मालिक समय पर प्रदूषण जांच करने के लिए प्रेरित होंगे और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि बिना वैध PUC की जांच के या फिर वैध PIC ना होने की स्थिति में अगर किसी पेट्रोल पंप द्वारा ईंधन उपलब्ध कराया जाता है तो उसके खिलाफ विभाग द्वारा नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

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