गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन (एनएमओ) की ओर से मंगलवार को गोमतीनगर विस्तार स्थित सीएमएस में गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6 के अवसर पर कार्यकर्ता सम्मान समारोह आयोजित हुआ. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल और अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने की. अतिथियों ने भारत माता, भगवान धनवंतरि, स्वामी विवेकानंद और गुरु गोरखनाथ की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलन किया.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किया. जबकि स्वास्थ्य यात्रा का विस्तृत विवरण कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलवी भट्ट ने प्रस्तुत किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रभक्ति नारों से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने से होती है. उन्होंने भारत-नेपाल मैत्री को प्रगाढ़ करने और सुदूर क्षेत्रों में समाज को जोड़ने वाले स्वयंसेवी संगठनों का अभिनंदन किया.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 24, 2026
स्वास्थ्य यात्रा चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है. सीमावर्ती 7 जनपदों के जनजातीय क्षेत्रों में पहुंचकर इस यात्रा ने उन लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, जिन्हें कोई नहीं पूछता.
सीएम योगी ने 2007-08 की नेपाल की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि थारू जनजाति के लोगों ने स्वाभिमान के साथ सीमा पर डटे रहने की बात कही. उनके अभावग्रस्त जीवन को देखते हुए सरकार ने उनके गांवों में राजस्व विकास, मकान, बिजली, सोलर पैनल, स्वास्थ्य और राशन कार्ड उपलब्ध कराए. इसी तरह प्रदेश के वनवासी समाज के लिए भी कार्य किया गया.
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य यात्रा ने 23 हजार मरीजों से शुरू होकर आज 2 लाख 66 हजार लोगों तक पहुंच बनाई है.चिकित्सकों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि ओपीडी को सीमित न रखें, फील्ड में जाकर देखें कि बीमारी जियोग्राफी और क्लाइमेट से भी प्रभावित होती है. उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे माह में एक रविवार को सेवा कार्य के लिए समय निकालें और इस अभियान को आंदोलन का रूप दें.समावेशी विकास से ही राष्ट्र आगे बढ़ेगा.
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि जब समाज अपने दुख को देखकर खुद खड़ा हो जाता है, तो समझिए जागृति आ गई है. एनएमओ के माध्यम से मेडिकल छात्र और शिक्षक देशभर में सेवा कर रहे हैं. 1999 से वनवासी क्षेत्रों में धनवंतरि यात्रा शुरू हुई और 2004 से असम में यह अभियान चला. म्यांमार, तिब्बत और बांग्लादेश की सीमाओं तक डॉक्टर ट्रक और नावों से दवाएं लेकर पहुंचते हैं.
उन्होंने जोर दिया कि पूरा देश हमारा है और सीमाओं पर रहने वाले लोगों की सेवा हमारा धर्म है. दिल्ली की कुछ बस्तियों में महिलाओं को एनीमिया मुक्त करने का संकल्प भी लिया गया है.
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सेवा भाव पर निर्भर करती है, संसाधनों पर नहीं। समाज ने चिकित्सकों को जो दिया, उसे वापस लौटाना चाहिए. प्रो. रज्जू भैया के हवाले से उन्होंने कहा कि सरकार सहयोगी हो सकती है, परिवर्तन समाज की जागरूकता से ही होगा.एनएमओ के वरिष्ठ सदस्यों ने मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया.
इस अवसर पर आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल , प्रांत प्रचारक कौशल , मंत्री दयाशंकर सिंह, आरएमएल निदेशक सीएम सिंह, अपर्णा यादव, अवनीश अवस्थी समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे.
