उत्तर प्रदेश सीएम योगी का तोहफा; रक्षाबंधन पर महिलाओं को 3 दिन और 60 प्लस महिलाओं को आजीवन मुफ्त सफर की सुविधा
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सीएम योगी का तोहफा; रक्षाबंधन पर महिलाओं को 3 दिन और 60 प्लस महिलाओं को आजीवन मुफ्त सफर की सुविधा

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के मौके पर माताओं और बहनों को दो बड़े उपहार दिए. रक्षाबंधन के अवसर पर तीन दिनों तक बसों से फ्री यात्रा के साथ ही 60 साल से ऊपर की महिलाओं को आजीवन फ्री यात्रा की घोषणा की. 11 महिलाओं को सांकेतिक कार्ड उपलब्ध कराया. साथ ही फ्री यात्रा को लेकर पांच महिलाओं से इंटरेक्शन किया. राखी के मौके पर सभी माताओं-बेटियों को एक किट दी गई. जिसमें साड़ी और मिठाई का उपहार था. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को बधाई दी और बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

इस अवसर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम रक्षाबंधन के मौके पर तीन दिन माताओं बहनों को मुफ्त में बस सुविधा उपलब्ध कराने जा रहे हैं. साथ ही 60 साल या इससे ऊपर की महिलाओं को आजीवन मुफ्त यात्रा की सौगात दे रहे हैं. परिवहन निगम और सिटी बसों में हम रक्षाबंधन पर तीन दिन नि:शुल्क सेवा प्रदान कर इस सुविधा के लिए पूरी मातृ शक्ति का अभिनंदन करते हुए उन्हें बधाई देता हूं.

सीएम योगी ने कहा कि 27, 28 और 29 को तो हर बेटी, हर मां, हर बहन और हर माता अपने सहयात्री के साथ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस में या सिटी बस की सेवा में निशुल्क यात्रा कर सकेगी. इसके बाद 60 साल से ऊपर की महिलाएं आईडी कार्ड दिखा कर उम्रभर फ्री में बस यात्रा कर सकेंगी. 60 प्लस महिलाएं उत्तर प्रदेश के अंदर कहीं भी जा सकती हैं. कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी. कोई किराया नहीं लगेगा.

योजना का नाम लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति निशुल्क बस यात्रा रखा है. जब भी महिला स्वावलंबन की बात होती है तो हम लोग माता अहिल्याबाई का नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ ही स्मरण करते हैं. इसके अलावा प्रदेश की कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने की योजना है. सभी जनपदों में महिला हॉस्टल बनेंगे, जिसमें 500 कामकाजी महिलाएं रह सकती हैं. लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, काशी और झांसी में सभी जगह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण हो रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले गुड गवर्नेंस के नाम पर महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा का संकट था. उनका कोई सम्मान नहीं रह गया था. न कोई इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन थी न कोई कमांड सेंटर था, न सीसीटीवी का नेटवर्क था, न महिला हेल्प डेस्क थी. पेंशन और छात्रवृत्ति बिचौलिया तय करते थे और पुष्टाहार पर माफिया का कंट्रोल था. उत्सव से पहले उपद्रव हो जाते थे. कर्फ्यू जब लगता था. निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति योजना में कमीशन का काला साया मंडराता रहता था. मुद्रा योजना का पैसा हो या पुष्टाहार का बजट, यह सब रास्ते से ही गायब हो जाते थे.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्फ्यू और दंगा से मुक्त कर यूपी को चंगा बना दिया गया है. अब हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी है. आज हमारे पास मिशन शक्ति केंद्र है. शहर में एआई बेस्ड सेफ सिटी नेटवर्क है और 1090 और 112 का इंटीग्रेटेड सिस्टम भी हमारे पास मौजूद है. बेटी की सुरक्षा घर के अंदर हो या घर के बाहर, कहीं किसी ने सेंध लगाई तो मानकर चलिए सेंध लगाने वाले के लिए जेल या जहन्नुम में से एक जगह तय हो जाएगी.

पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस अधिकारी की तैनाती हुई है. प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी की संख्या 2017 में कुल 10,000 थी, अब यह संख्या बढ़कर 45000 हो गई है. अभी जो नई भर्ती होने जा रही है तो यह संख्या 50000 से ज्यादा पहुंच जाएगी. हमने तीन महिला पुलिस बटालियन बनाई हैं. महिला पुलिस बटालियन के नाम महान वीरांगनाओं वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना अवंती बाई लोधी और गोरखपुर की वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर है.

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटी को जन्म से लेने से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई की सुविधा का एक प्लेटफार्म है. सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटी की शादी के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. अक्टूबर या नवंबर में प्रदेश की ₹50000 बेटियों को जो स्नातक में पढ़ाई कर रही हैं को एक स्कूटी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के माध्यम से मां और बच्चे के पोषण को सुनिश्चित किया जा रहा है. उज्ज्वला योजना में रसोई से धुआं हटाया है. पक्का आवास सिर पर पक्की छत देकर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा रही है. शौचालय से महिलाओं के सम्मान और गरिमा दी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट, रिटेल अनेक स्थानीय गतिविधियों का संचालन उनके माध्यम से हो रहा है. बीसी सखी महिलाओं को गांव में वित्तीय मजबूती प्रदान कर रहे हैं. आज गांव गांव में महिलाएं बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं और टेक्नोलॉजी का दौर है जिसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से प्रदेश के अंदर कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने में सफलता की नई ऊंचाइयों की तरफ बढ़ रही है. पांच दुग्ध कंपनियां उत्तर प्रदेश में काम कर रही हैं. इसमें महिलाएं स्वावलंबन की ओर अग्रसर हुई है. एमएसएमई में हजारों महिलाओं की भागीदारी हुई है.

खेल के क्षेत्र में भी महिलाएं बहुत अच्छा कर रही हैं. स्पोर्ट्स में उत्तर प्रदेश में एक सब इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है. उस बेटी ने जन्म लिया था त्रिपुरा में, लेकिन उसको सही माहौल और सही प्लेटफॉर्म मिला यूपी में. प्रधानमंत्री ने देश के संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करवाया. प्रतिनिधित्व प्राप्त हो इसके लिए कानून बनाया. फिलहाल अभी संसद में पेंडिंग है.

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि 2017 से रक्षाबंधन के त्योहार पर माताओं-बहनों को परिवहन निगम की बसों से फ्री यात्रा की सुविधा दी जा रही है. पिछले वर्ष तीन दिनों तक मुफ्त बस सफर के दौरान एक सहचर को निशुल्क यात्रा लाभ दिया गया था. अब बुजुर्ग महिलाएं (60 प्लस) कहीं भी जाएं. अपने पूरे जीवनभर 14000 से ज्यादा बसों से फ्री यात्रा कर सकेंगी. रक्षाबंधन पर बीते नौ साल से माताओं-बहनों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है.

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