दिल्ली: कांग्रेस द्वारा एसआईआर में अनियमितताओं व मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने, धक्का-मुक्की व बदसलूकी के आरोप में पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा तथा पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार अब तक इस पूरे मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं. प्रदर्शन के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) के उल्लंघन के आरोप में राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग एफआईआर व कनॉट प्लेस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है.
हर FIR मेरे सीने पर एक मेडल है।
अभी 45 हैं, मेरा लक्ष्य 100 है – तब भी संविधान की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे। pic.twitter.com/ZxwHkKHtkm
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 7, 2026
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास किया गया. इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस, धक्का-मुक्की व अभद्रता की घटनाएं हुईं. पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने व किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए धारा 163 लागू की गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने निर्देशों का उल्लंघन किया. साथ ही सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई.
अपने व अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर जोरदार पलटवार कर चुके हैं. राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि “हर FIR मेरे सीने पर एक मेडल है. अभी 45 हैं, मेरा लक्ष्य 100 है. तब भी संविधान की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे.” राहुल गांधी ने मीडीया को दिए गए बयानों में कहा कि सरकार उन्हें और विपक्ष की आवाज को डराने व दबाने की नीयत से एफआईआर दर्ज करवा रही है, लेकिन वे और उनकी पार्टी इस तरह के कदमों से डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी मजबूती से जारी रहेगा.
दिल्ली पुलिस के इस कड़े कदम के बाद राजधानी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस पार्टी ने इसे केंद्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति करार दिया है. वहीं पुलिस व प्रशासन का कहना है कि कानून और व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है व घटना के सीसीटीवी फुटेज व वीडियो साक्ष्यों को खंगाल रही है.
