दिल्‍ली-एनसीआर RSS की तीन दिवसीय बैठक शुरू, मोहन भागवत ने किया उद्घाटन, आयोजनों और अभियानों की बनेगी रूपरेखा
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RSS की तीन दिवसीय बैठक शुरू, मोहन भागवत ने किया उद्घाटन, आयोजनों और अभियानों की बनेगी रूपरेखा

दिल्‍ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 21 से 23 मार्च तक कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित की जा रही है. इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आज अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) की बैठक का उद्घाटन किया. इस बैठक में शताब्दी वर्ष की प्रगति की समीक्षा के साथ ही बैठक में आगामी वर्ष के लिए विविध कार्यक्रमों, आयोजनों और अभियानों की रूपरेखा तैयार की जाएगी.

प्रचार प्रमुख सुनील अंबेडकर की ओर से जारी बयान के मुताबिक संघ व्यवस्था में इस बैठक को सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था माना जाता है और यह हर साल आयोजित की जाती है. बैठक बेंगलुरु के पास चन्नेनहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र के परिसर में आयोजित की जाएगी. बैठक में संघ के पिछले वर्ष (2024-25) की वार्षिक रिपोर्ट (कार्यवृत्त) पर चर्चा की जाएगी. आलोचनात्मक विश्लेषण के अलावा विशेष पहलों पर रिपोर्टिंग भी की जाएगी. विजयादशमी 2025 से 2026 को संघ का शताब्दी समापन वर्ष माना जाएगा.

राष्ट्रीय मुद्दों पर दो प्रस्तावों को अपनाने पर विचार किया जाएगा. साथ ही संघ शाखाओं से अपेक्षा के अनुरूप, सामाजिक परिवर्तन के कार्य, विशेषकर पंच परिवर्तन के प्रयासों पर भी चर्चा होने की संभावना है. बैठक के एजेंडे में देश के वर्तमान परिदृश्य का विश्लेषण और अनुवर्ती गतिविधियों पर चर्चा के अलावा हिंदू जागरण के मुद्दे पर भी चर्चा शामिल है.

बैठक में कुल 1500 कार्यकर्ता, मुख्य रूप से प्रांत और क्षेत्र स्तर के निर्वाचित प्रतिनिधि भाग लेंगे. इसके अलावा आरएसएस से प्रेरित संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महासचिव और संगठन मंत्री भी मौजूद रहेंगे. इसके अलावा प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सभी सह-सरकार्यवाह (संयुक्त महासचिव), अन्य पदाधिकारी और कार्यकारी समिति के सदस्य शामिल हो रहे हैं.

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