ग्रेटर नोएडा: वेस्ट की आवासीय सोसाइटियों में भवनों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में अरिहंत अंबर सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से एक युवक की मौत की दर्दनाक घटना के बाद अब गौर सिटी-1 की 5 एवेन्यू सोसाइटी में भी छत का प्लास्टर गिरने का मामला सामने आया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है और लोग अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सोमवार रात करीब 10 बजे गौर सिटी-1 की 5 एवेन्यू सोसाइटी के एस टावर स्थित फ्लैट संख्या 1265 में अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर बेड पर गिर पड़ा। फ्लैट में रहने वाले निवासी ने बताया कि प्लास्टर गिरने से बेड के पास रखा टेबल लैंप टूट गया। घटना के समय उनके पिता उसी कमरे में कुर्सी पर बैठे हुए थे। यदि प्लास्टर कुछ फीट इधर-उधर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था और उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।
घटना के बाद परिवार के सदस्य घबरा गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना सोसाइटी प्रबंधन को दी। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर घर खरीदने के बावजूद लोगों को सुरक्षित आवास नहीं मिल पा रहा है.
सोसाइटी निवासी ने बताया कि भवनों की खराब स्थिति को लेकर कई बार बिल्डर प्रबंधन और संबंधित प्राधिकरण को लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उनका कहना है कि निवासी हर समय किसी अनहोनी की आशंका के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है, जिसका खामियाजा अब फ्लैट मालिकों को भुगतना पड़ रहा है.
वहीं, अरिहंत अंबर सोसाइटी में हुई युवक की मौत के बाद वहां रहने वाले लगभग 1300 परिवारों में भी भय का माहौल है. निवासी मांग कर रहे हैं कि सभी बहुमंजिला इमारतों का तत्काल स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए और जिन टावरों में निर्माण संबंधी खामियां हैं, उनकी मरम्मत जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए.
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं केवल प्लास्टर गिरने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह इमारतों की समग्र गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं. यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं.
निवासियों ने प्रशासन, प्राधिकरण और बिल्डर समूहों से मांग की है कि लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सोसाइटियों का व्यापक सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए, ताकि किसी और परिवार को ऐसी दुर्घटनाओं का सामना न करना पड़े.
